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चंडीगढ़ः मकर संक्रांति पर राजेश कालिया को मिला मेयर टिकट का तोहफा, बीजेपी की जीत तय
Tue, 15 Jan 2019 09:12 AM IST
खुशबू गोयल
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 15 Jan 2019 09:12 AM IST
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राजेश कालिया
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आखिरकार राजेश कालिया को मकर संक्रांति पर मेयर टिकट का तोहफा मिल ही गया। भाजपा से उन्हें अपना मेयर उम्मीदवार घोषित कर दिया है। सीनियर डिप्टी मेयर के लिए सहयोगी शिअद के पार्षद हरदीप सिंह के नाम पर मुहर लग चुकी है। डिप्टी मेयर के लिए कवर राडा को चुना गया। पार्टी में लंबे विचार-विमर्श के बाद राजेश के नाम सहमति बनी।
रविवार को प्रदेश भाजपा प्रभारी प्रभात झा सुबह 9.30 बजे सेक्टर-33 स्थित बीजेपी कार्यालय पहुंचे और पहले बंद कमरे में एक-एक पार्षद की विस्तर से राय ली। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, सांसद किरण खेर और संगठन मंत्री दिनेश कुमार समेत सभी पार्षदों की एक संयुक्त मीटिंग ली। इस मीटिंग में मेयर उम्मीदवार के लिए सभी का फीडबैक लिया गया।
फिर प्रभात झा दिल्ली गए, जहां उन्होंने मेयर उम्मीदवार संबंधी फीडबैक के बारे में संगठन मंत्री रामलाल को अवगत कराएंगे। इसके बाद संगठन मंत्री भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पूरी जानकारी दी। अमित शाह की अनुमति मिलने के बाद संजय टंडन द्वारा प्रत्याशी के तौर पर उनके नाम का खुलासा किया गया।
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तय है भाजपा की जीत
निगम में इस समय कुल 35 पार्षद हैं। इसमें 26 निर्वाचित और 9 मनोनीत हैं। जीत के लिए भाजपा को केवल 14 वोट चाहिए जबकि भाजपा के पास सहयोगी और निर्दलीय मिलाकर 22 वोट हैं। इसमें भाजपा के 20, अकाली 1 और निर्दलीय 1 पार्षद शामिल हैं, वहीं कांग्रेस के पास केवल 4 पार्षद हैं, इसलिए भाजपा की जीत लगभग तय बताई जा रही है।
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रविवार को प्रदेश भाजपा प्रभारी प्रभात झा सुबह 9.30 बजे सेक्टर-33 स्थित बीजेपी कार्यालय पहुंचे और पहले बंद कमरे में एक-एक पार्षद की विस्तर से राय ली। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, सांसद किरण खेर और संगठन मंत्री दिनेश कुमार समेत सभी पार्षदों की एक संयुक्त मीटिंग ली। इस मीटिंग में मेयर उम्मीदवार के लिए सभी का फीडबैक लिया गया।
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फिर प्रभात झा दिल्ली गए, जहां उन्होंने मेयर उम्मीदवार संबंधी फीडबैक के बारे में संगठन मंत्री रामलाल को अवगत कराएंगे। इसके बाद संगठन मंत्री भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पूरी जानकारी दी। अमित शाह की अनुमति मिलने के बाद संजय टंडन द्वारा प्रत्याशी के तौर पर उनके नाम का खुलासा किया गया।
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तय है भाजपा की जीत
निगम में इस समय कुल 35 पार्षद हैं। इसमें 26 निर्वाचित और 9 मनोनीत हैं। जीत के लिए भाजपा को केवल 14 वोट चाहिए जबकि भाजपा के पास सहयोगी और निर्दलीय मिलाकर 22 वोट हैं। इसमें भाजपा के 20, अकाली 1 और निर्दलीय 1 पार्षद शामिल हैं, वहीं कांग्रेस के पास केवल 4 पार्षद हैं, इसलिए भाजपा की जीत लगभग तय बताई जा रही है।
पहली बार राजेश बने पार्षद
राजेश कालिया पहली बार वार्ड नंबर- 6 से 2006 में पार्षद का चुनाव लड़ा था, लेकिन वह कांग्रेस के सत्य प्रकाश से हार गए थे। इस बार भाजपा की ओर से उन पर फिर से दांव लगाया गया। राजेश पहली बार वार्ड नंबर-7 से पार्षद बन गए। राजेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन के काफी करीबी माने जाते हैं। अब भाजपा उन्हें अपना मेयर उम्मीदवार बनाने जा रही है।
अतीत के दाग अच्छे हैं...
अतीत में झांकें तो राजेश कालिया पर दाग भी लगे हैं। फिलहाल, उन पर लगे सारे दाग अब धुल चुके हैं। बताया जाता है कि राजनीतिक दबाव में उन पर लगे दाग को धुल दिया गया है। मलोया थाने में उन पर बैड करेक्टर का दाग लगा था। सूत्रों की मानें तो मेयर चुनाव को लेकर ही उन्हें शुद्ध करके तैयार किया गया है।
बीजेपी ही कागज बीनने वाले को बना सकती है मेयर
राजेश कालिया का कहना है कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जो किसी कागज बीनने वाले को मेयर बना सकती है। अन्य पार्टियों ने हमेशा इस तबके के लोगों की वोट लेकर केवल अपना हित ही साधा है, लेकिन अब ऐसा होने वाला नहीं है। उनका कहना है कि हमेशा भाजपा का वफादार सिपाही रहा हूं। मेयर का पद मेरे लिए पार्टी से बढ़कर नहीं है। हम एकजुट होकर भाजपा को और मजबूत करने का काम करेंगे।
अतीत के दाग अच्छे हैं...
अतीत में झांकें तो राजेश कालिया पर दाग भी लगे हैं। फिलहाल, उन पर लगे सारे दाग अब धुल चुके हैं। बताया जाता है कि राजनीतिक दबाव में उन पर लगे दाग को धुल दिया गया है। मलोया थाने में उन पर बैड करेक्टर का दाग लगा था। सूत्रों की मानें तो मेयर चुनाव को लेकर ही उन्हें शुद्ध करके तैयार किया गया है।
बीजेपी ही कागज बीनने वाले को बना सकती है मेयर
राजेश कालिया का कहना है कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है, जो किसी कागज बीनने वाले को मेयर बना सकती है। अन्य पार्टियों ने हमेशा इस तबके के लोगों की वोट लेकर केवल अपना हित ही साधा है, लेकिन अब ऐसा होने वाला नहीं है। उनका कहना है कि हमेशा भाजपा का वफादार सिपाही रहा हूं। मेयर का पद मेरे लिए पार्टी से बढ़कर नहीं है। हम एकजुट होकर भाजपा को और मजबूत करने का काम करेंगे।