चाहा तो था कि बारिश आ जाए, लेकिन...
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शहर में शुक्रवार शाम आई आंधी की वजह से शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल होने से लोगों को दिक्कतें हुईं। देर रात तक शहर के एक दर्जन से ज्यादा सेक्टरों में बिजली न होने से सड़क पर अंधेरा छाया रहा।
यह सेक्टर पूरी तरह अंधेरे में डूबे रहे। बिजली न होने से ट्रैफिक लाइट्स भी बंद हो गईं, जिससे यातायात संचालित करने में पुलिस को दिक्कत आई।
आंधी के कारण कई जगह बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से सप्लाई बंद हो गई। बिजली विभाग के कर्मचारी देर रात तक तारों की मरम्मत में जुटे रहे।
शहर के कुछ सेक्टरों में तो एक से डेढ़ घंटे में बिजली की सप्लाई बहाल हो गई, लेकिन एक दर्जन से ज्यादा सेक्टरों में देर रात तक बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी।
आंधी के बाद शुक्रवार रात तक बिजली विभाग के पास लोगों की शिकायतें आती रहीं। बिजली के तार टूट जाने के कारण सेक्टर-7, 8, 9, 15, 18, 21, 22, 26, 27, 28, 30, 31, 32, 33, 40, 48, 51, 52 के कई हिस्सों में पांच से छह घंटे तक बिजली गुल रही।
बिजली विभाग के एसई एमपी सिंह ने बताया कि आंधी के कारण शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हुई। विभाग के कर्मचारी मरम्मत में लगाए गए हैं और देर शाम तक कई सेक्टरों में बिजली की सप्लाई को बहाल कर दिया गया।
आंधी से गिरे पेड़, तारों में हुआ स्पार्क
शहर में शुक्रवार शाम चली आंधी से कई जगह पेड़ गिर गए। सेक्टर-38 में मकान नंबर-77 के पास और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में प्लॉट नंबर-52 के पास पेड़ गिर गए। नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विंग के एक्सईएन कृष्णपाल सिंह ने बताया कि पेड़ गिरने से कोई नुकसान की सूचना नहीं है।
वहीं आंधी के कारण कई जगह पर बिजली की तारों में स्पार्क होने की भी सूचना है। सेक्टर-23 में 2001 से 2005 तक के मकानों के पास आंधी के कारण केबल और बिजली की तारें टूट गईं। इस कारण काफी देर तक वाहनों की आवाजाही भी बाधित रही। वहीं मुल्लांपुर और सेक्टर-26 में सरकारी स्कूल के पास झाड़ियों में आग लग गई।
घर की छत गिरी, बच्चा जख्मी
तेज हवाओं और बारिश के कारण रायपुर खुर्द में एक मकान की छत गिर गई, जिससे कमरे के अंदर बैड पर सोया हुआ नौ माह का बच्चा गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस कमरे की छत टीन की थी। उस समय बच्चे की मां कमरे से बाहर थी। रिश्तेदार राजेंद्र ने बताया कि उनका भतीजा शुभम कमरे में सोया हुआ था। इसी बीच टीन की छत गिर गई।
बारिश ने गिराया पारा, सड़कें रहीं पानी से लबालब
मौसम में आए बदलाव ने शहरवासियों को गर्मी से राहत दी है। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश ने पूरे शहर की सड़कें लबालब कर दी। कई जगह ओले भी गिरे हैं। देर रात तक कई इलाकों की सड़कों पर पानी लबालब भरा हुआ था।
मौसम विभाग के मुताबिक रात साढ़े आठ बजे तक चंडीगढ़ सिटी में 18.4 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि आसपास के इलाकों में 41.6 एमएम बारिश हुई। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 68 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम में आए बदलाव से दिन के तापमान में करीब चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
रात का पारा सामान्य से एक डिग्री नीचे आ गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले वीरवार को पारा 41.6 डिग्री था। न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री दर्ज किया गया।
शुक्रवार सुबह से ही आसमान में आंशिक बादल छाए हुए थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे काले बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी। बारिश और हवाओं से मौसम में ठंडक का अहसास होने लगा।
मध्य मार्ग के कई सेक्टरों में आधे घंटे के बाद बारिश रुक गई, जबकि बाहरी इलाकों में रात साढ़े सात बजे तक रुक-रुककर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को दिन का तापमान 40 डिग्री तक रहने का अनुमान है। वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री तक आ सकता है।
बिजली नहीं आने से लोग रहे परेशान
तेज हवा के कारण बुधवार रात को एक पेड़ हाई टेंशन वायर पर गिर गया। बिजली विभाग इससे आए फॉल्ट को 12 घंटे में भी ठीक नहीं कर पाया। ऐसे में पूरे मनीमाजरा के निवासी बिजली के बिना तड़पते रहे। विभागीय सूत्रों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए कर्मचारी काफी प्रयास करते रहे, लेकिन उन्हें फाल्ट नहीं मिला। वहीं, पेड़ गिरने से फीडर में भी खराबी आ गई।
स्थानीय निवासी हरजीत सिंह, शांति नगर निवासी व भाजपा नेता मनोज सूद समाजसेवी रामेश्वर गिरि ने बताया कि पिपलीवाला टाउन, शांति नगर, माड़ी वाला टाउन, गोबिंद पुरा व माडर्न कांप्लेक्स एरिया में वीरवार सुबह भी लो वोल्टेज थी। वहीं, बिजली विभाग के कर्मचारी तो फोन तक नहीं उठा रहे थे।
मनीमाजरा निवासी व व्यापार मंडल के प्रधान प्रदीप बागरा ने बताया कि बिजली न आने के चलते लोगों को पानी की सप्लाई भी नहीं मिली। बिजली विभाग के एसडीओ रविंद्र कुमार का कहना है कि वायर पर पेड़ गिर गया था। इसीलिए बिजली प्रभावित हुई। फाल्ट ठीक करने में टाइम तो लगता ही है। उन्होंने कहा कि फीडर खराब हो गया था। इससे नुकसान भी हुआ। जिसको ठीक करने में बिजली विभाग के सारा स्टाफ पूरी रात लगा रहा।