तेज हवा और बरसात के बाद गिरे ओले, ठंड भी बढ़ी, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम का हाल
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पश्चिमी हलचलों के चलते मौसम ने शुक्रवार को दोपहर बाद हरियाणा में अचानक करवट बदली। पश्चिम से आई तेज हवा के साथ रोहतक में सबसे अधिक 32 एमएम बारिश हुई। इसके अलावा फतेहाबाद, हिसार, करनाल, पानीपत, सिरसा, जींद समेत कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। इन इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे धान और कपास की फसलों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने प्रदेश में शनिवार को भी कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई है।
दोपहर तक मौसम एकदम साफ था। इस कारण प्रदेश में सबसे अधिक हिसार में अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उसके बाद हवाओं का रुख बदला और पश्चिमी हवा चलने से शाम चार बजे के बाद आसमान काले बादलों से घिर गया और करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
इस दौरान कई जिलों में बारिश के साथ आधे घंटे तक ओलावृष्टि भी हुई। बारिश के चलते फतेहाबाद, चरखी दादरी समेत कई जिलों की अनाज मंडियों में खुले में पड़ा धान भीग गया। भिवानी में एक घंटे तक चली आंधी और बारिश की वजह से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई खंभे भी टूटकर गिर गए। बारिश और पश्चिमी हवाओं के चलते प्रदेश में सबसे कम सिरसा में अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया तो न्यूनतम तापमान अंबाला में 18.7 डिग्री रहा।
इन जिलों में हुई हल्की से मध्यम बारिश
रोहतक, जींद, सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, भिवानी, रेवाड़ी, चरखी दादरी, सोनीपत, झज्जर, पानीपत।
अब गिरेगा पारा, ठंड बढ़ेगी
पश्चिमी हवाओं के चलने के साथ बारिश व ओलावृष्टि के चलते अब दिन व रात के तापमान में गिरावट आएगी। इससे ठंड बढ़ेगी।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से कहीं-कहीं बारिश व ओलावृष्टि हुई है। शनिवार को भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। - हकृवि, कृषि मौसम विभाग
धान की फसल बिछी, रबी फसलों की बिजाई के लिए फायदेमंद
आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि से धान व कपास की फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे धान की फसल बिछ गई तो कपास गीली हो गई। इससे फसलों में पीलापन आने की आशंका है। गाजर व गोभी की फसलों को भी नुकसान हुआ है। हालांकि सरसों, गेहूं व चने की बिजाई को फायदा मिलेगा।
वायु प्रदूषण स्तर में हुआ सुधार
आंधी के कारण हिसार समेत अन्य शहरों के प्रदूषण स्तर में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को हिसार में वायु प्रदूषण का स्तर 270 रहा, जो गुरुवार को 298 तक पहुंच गया था। इसी तरह सिरसा में शाम को एक्यूआई 340 रहा, जबकि दोपहर को बारिश से पहले वायु प्रदूषण 350 तक पहुंच गया था। बारिश के बाद रोहतक में एक्यूआई 64 गिरकर 214 पर पहुंच गया।
एक ही दिन में सामने आए पराली जलाने के 129 मामले
सेटेलाइट के माध्यम से गुरुवार को कैथल और करनाल में सबसे ज्यादा पराली जलाने की घटनाएं सामने आईं। कैथल में 43 मामले सामने आए, वहीं करनाल में 26 स्थानों पर फसल अवशेष जलाने की जानकारी मिली। कुरुक्षेत्र में 19, अंबाला में 15 और जींद में 8 घटनाएं सामने आईं। वहीं फरीदाबाद में 7, यमुनानगर में 4 और पलवल में 3 घटनाएं पकड़ी गईं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 25 दिनों में पंजाब में 36 फीसदी ज्यादा पराली जलाई गई, जबकि हरियाणा में यह आंकड़ा 16 फीसदी रहा।