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खेती बचाओ यात्रा: ट्रैक्टर पर बैठ राहुल की ललकार- केंद्र में सरकार बनते ही रद्द करेंगे कृषि कानून

Sun, 04 Oct 2020 03:27 PM IST
ajay kumar अमर उजाला, बधनीकलां(मोगा)/ रायपुर (लुधियाना)
अमर उजाला, बधनीकलां(मोगा)/ रायपुर (लुधियाना) Published by: ajay kumar Updated Sun, 04 Oct 2020 03:27 PM IST
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Rahul Gandhi Kheti Bachao Yatra start from Moga of Punjab
राहुल गांधी की खेती बचाओ यात्रा शुरू। - फोटो : अमर उजाला

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान और सांसद राहुल गांधी ने घोषणा की है कि केंद्र में कांग्रेस सरकार बनते ही हाल ही बने तीनों कृषि कानून रद्द कर दिए जाएंगे। तीन दिन की किसानी बचाओ यात्रा पर दोपहर करीब साढ़े 12 बजे राहुल गांधी मोगा पहुंचे। रविवार को उन्होंने मोगा में बधनीकलां, जगरांव के चक्कर और लुधियाना के रायकोट के गांव जट्टपुरा में तीन रैलियों को संबोधित किया।

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वहीं, मोगा से लुधियाना तक ट्रैक्टर रैली भी निकाली। बधनीकलां की रैली में राहुल जिस ट्रैक्टर पर बैठे, उसका स्टेयरिंग पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ ने संभाला।  हरियाणा के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी ट्रैक्टर चलाया। उनके ट्रैक्टर पर नवजोत सिंह सिद्धू और कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत बैठे।
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बधनीकलां में राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के साथ धोखा हैं। इन कानूनों की मदद से अरबपतियों की नजर किसानों की जमीन और फसल पर है। उन्होंने कहा कि पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी और अब किसानों के विरोध में कानून बनाकर मोदी सरकार दो कारपोरेट घरानों अडानी और अंबानी की खुलेआम मदद कर रही है। केंद्र सरकार को सिर्फ यही दो घराने चला रहे हैं।
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अब किसान अपनी फसल का सौदा इन कारपोरेट घरानों के साथ कैसे कर सकता है। केंद्र सरकार ने नोटबंदी की, जिससे काला धन तो मिटा नहीं लेकिन लोगों को बैंकों के बाहर खड़ा कर दिया। जीएसटी लागू करके छोटे व्यापारियों को तबाह कर दिया गया। पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस किसानों के साथ है और वह पंजाब की किसानी को मरने नहीं देगी। उनकी सरकार आने पर नए कानूनों को रद्द कर दिया जाएगा।

राहुल बोले- किसानों को खत्म करना चाहती है सरकार

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि पुराने जमाने में कठपुतली होती थी। जिन्हें पीछे से धागे के सहारे से चलाया जाता था। यह सरकार भी कुछ लोग चला रहे हैं। पंजाब-हरियाणा के किसानों ने हिंदुस्तान को खाद्य सुरक्षा दी।

केंद्र सरकार ने एमएसपी, फसल खरीद और मंडी का ढांचा बनाया था। मोदी सरकार इन्हें खत्म करना चाहती है। लक्ष्य इनका फसल खरीद और एमएसपी को खत्म करने का है। इनको पता है कि जैसे ही एमएसपी और फसल खरीद खत्म होगी, वैसे ही पंजाब-हरियाणा के किसान खत्म हो जाएंगे। लेकिन कांग्रेस पार्टी ये करने नहीं देगी।

लुधियाना में राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब के लोग पूरे देश को खाद्यान उपलब्ध कराते हैं। किसान हमारे देश की रीढ़ हैं। मोदी कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इस रीढ़ को क्यों तोड़ रहे हैं? कांग्रेस पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी।

किसानों की जंग लड़ेगी पंजाब सरकार: अमरिंदर
वहीं, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साफ कहा कि पंजाब सरकार किसानों की जंग लड़ेगी। हमारी कानूनी टीम पूरा काम कर रही है, हमें अदालत जाना पड़े या विधानसभा बुलानी पड़े, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बीबी हरसिमरत कौर खुद मंत्रिमंडल की उस बैठक में मौजूद थीं जिसमें कृषि कानून को पास करने पर सहमति बनाई गई थी।

इसलिए पंजाब के लोगों कोे अकाली-भाजपा पर विश्वास नहीं करना चाहिए। कैप्टन ने कहा कि हमारी वाहेगुरु से अरदास है कि राहुल जल्द ही प्रधानमंत्री बनें ताकि देश की किसानी को बचाया जा सके। मोगा की रैली में नवजोत सिंह सिद्धू और जट्टपुरा की रैली में वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने भी भाषण दिया। मंच पर पंजाब के इंचार्ज हरीश रावत और हरियाणा के सांसद दीपेंदर हुड्डा भी मौजूद थे।

वाहे गुरु से अरदास, राहुल जल्द ही बनें प्रधानमंत्री : अमरिंदर
प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की जंग लड़ेगी। हमारी कानूनी टीम पूरा काम कर रही है, हमें अदालत जाना पड़े या विधानसभा बुलानी पड़े, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हरसिमरत कौर खुद मंत्रिमंडल की उस बैठक में मौजूद थीं जिसमें कृषि कानून को पास करने पर सहमति बनी थी। इसलिए पंजाब के लोगों को अकाली-भाजपा पर विश्वास नहीं करना चाहिए। हमारी वाहे गुरु से अरदास है कि राहुल जल्द ही प्रधानमंत्री बनें ताकि देश की किसानी को बचाया जा सके।

कड़कती धूप, 37 डिग्री तापमान में ट्रैक्टर पर बैठकर दो घंटे गांवों की सड़कों पर घूमे राहुल

मोगा के गांव बधनी कला में अनाज मंडी में रैली को संबोधित करने के बाद राहुल गांधी की ट्रैक्टर रैली की शुरुआत हुई। बधनी कला में ही 3500 के करीब ट्रैक्टरों की लंबी कतार थी, जिनका नेतृत्व कर राहुल गांधी को गांव जटपुरा तक जाना था। जैसे ही अनाज मंडी में रैली खत्म हुई, राहुल गांधी खास तौर पर तैयार हुए ट्रैक्टर पर बैठ गए। उनके दूसरी तरफ कैप्टन अमरिंदर सिंह, जबकि स्टेयरिंग पीपीसीसी के प्रधान सुनील जाखड़ ने संभाला। जबकि नवजोत सिंह सिद्धू व हरीश रावत पिछले ट्रैक्टर पर जाकर बैठ गए, जिसका स्टेयरिंग था दीपेंद्र हुड्डा के पास।

लंबी कतार के ट्रैक्टरों का काफिला गांवों की तरफ निकल पड़ा। दोपहर के करीब 2:30 बज चुके थे और धूप भी कड़क रही थी। तापमान भी 37 डिग्री तक पहुंच गया था। गांवों में धान की फसल लहलहा रही थी। बार-बार जाखड़ राहुल गांधी से बातचीत कर रहे थे। काफिला तीन स्थानों पर रुकना था, जिसमें पहला पड़ाव था संत दरबारा सिंह लोपो का धार्मिक स्थल। वहां भारी संख्या में लोगों ने राहुल व कैप्टन का स्वागत किया। 2 बजकर 50 मिनट पर गर्मी और तेज हो चुकी थी। यहां से काफिला गांव लोपो पहुंचा।

राहुल का इंतजार कर रहे लोगों ने राहुल के गले में हरे रंग का कपड़ा पहना दिया, जो पंजाबी में ‘हरियावल’ लहर का प्रतीक है। काफिला चला तो रास्ते में कई स्थानों पर धूल भरी मिट्टी उड़ने लगी और ट्रैक्टर पर बैठे राहुल व कैप्टन के चेहरे और कपड़ों पर पड़ी। राहुल बार-बार पसीना साफ करते और बीच-बीच में अपना मोबाइल निकालकर मैसेज पढ़ने लगते। खेत खलियान खत्म होने के बाद गांव की गलियाें में पहुंचते ही राहुल इंतजार कर रहे लोगों को देखकर हाथ हिलाने लगते।

दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर काफिला गांव चक्कर में पहुंचा। जहां पर भारी संख्या में लोग ट्रैक्टरों के साथ नेताओं का इंतजार कर रहे थे। राहुल के काफिले के साथ जैमर चल रहे थे, जिस कारण इंटरनेट और मोबाइल डाटा की दिक्कत आने लगी। राहुल के सोशल मीडिया के प्रभारी ने तत्काल जैमर की फ्रिकवेंसी को कम करवाया, ताकि उनका भाषण लाइव हो सके। राहुल गांधी को यहां स्टेज पर प्यास लगी तो उन्होंने पानी पीकर गर्मी को दूर किया।

रवनीत बिट्टू, कैप्टन अमरिंदर सिंह और राहुल गांधी के भाषण के बाद काफिला गांव माणुके और जटपुरा की तरफ निकल पड़ा। 20 किलोमीटर के सफर के बाद राहुल गांधी व कैप्टन अमरिंदर सिंह चक्कर गांव से अपने ट्रैक्टर से उतरे और गाड़ी में बैठ गए। गांव चक्कर से भी भारी संख्या में ट्रैक्टरों का काफिला राहुल की रैली में जुड़ गया। रास्ते में गांव माणुके में काफिला पहुंचा तो 4:29 बज चुके थे। राहुल गांधी यहां गाड़ी से उतरे और लोगों के बीच जाकर उनसे बातचीत की। लोगों ने राहुल को स्मृति चिह्न भी दिया।

इसके बाद राहुल का काफिला जटपुरा की तरफ निकल पड़ा और पूरे 4:45 पर वह पंडाल के भीतर प्रवेश कर गए। हालांकि उनको साढ़े तीन बजे पंडाल में पहुंचना था। एक घंटे से अधिक समय लगने पर उन्होंने स्टेज पर क्षमा भी मांगी।
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