{"_id":"575aaabc4f1c1b9c0c9c53f6","slug":"r-k-anand-subhash-chadra-ashok-tanwar-rajyasabha-membership-haryana-congress-haryana-politics","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यसभा चुनाव: इनेलो समर्थित प्रत्याशी को कांग्रेस का समर्थन, चंद्रा को झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्यसभा चुनाव: इनेलो समर्थित प्रत्याशी को कांग्रेस का समर्थन, चंद्रा को झटका
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 11 Jun 2016 12:34 PM IST
विज्ञापन
हरियाणा से राज्यसभा सदस्यों को लेकर विवाद
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में राज्यसभा की दूसरी सीट के लिए समीकरण बदल गए हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मर्जी के खिलाफ कांग्रेस ने इनेलो प्रत्याशी आरके आनंद के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया है।
हुड्डा के दिल्ली निवास पर हुई विधायकों की बैठक के बाद हुड्डा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिले थे, लेकिन विधायक दल की बैठक में विधायकों ने प्रस्ताव आरके आनंद के पक्ष में भेजा, जिसे सोनिया गांधी ने मंजूर कर लिया। इसके साथ ही भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुभाष चंद्रा की धड़कने बढ़ गई हैं।
हुड्डा के निवास पर हुई बैठक में कांग्रेस के तीन विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला, ललित नागर और कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी मौजूद नहीं थीं, जबकि बाद में हुई विधायक दल की बैठक में विधायक करण सिंह दलाल और रघुबीर कादियान नहीं मौजूद थे। बैठक के बाद दिल्ली में एकजुट कांग्रेस विधायक चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं।
विज्ञापन
राज्यसभा की दूसरी सीट के लिए पूर्व सांसद एवं अधिवक्ता आरके आनंद ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी इनेलो के समर्थन से नामांकन दाखिल किया था। आनंद इससे पहले कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा में एक पारी खेल चुके हैं। आनंद को समर्थन किए जाने के मामले में कांग्रेस कई दिनों से दुविधा में थी।
उधर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सुभाष चंद्रा को जिताने के लिए चंडीगढ़ में डेरा डाल चुके हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव में बेहतर चुनाव प्रबंधन के बाद ही विजयवर्गीय को आलाकमान ने यह जिम्मेदारी साैंपी है। लिहाजा, विजयवर्गीय के लिए भी यह सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है।
विज्ञापन
हुड्डा के दिल्ली निवास पर हुई विधायकों की बैठक के बाद हुड्डा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिले थे, लेकिन विधायक दल की बैठक में विधायकों ने प्रस्ताव आरके आनंद के पक्ष में भेजा, जिसे सोनिया गांधी ने मंजूर कर लिया। इसके साथ ही भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुभाष चंद्रा की धड़कने बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
हुड्डा के निवास पर हुई बैठक में कांग्रेस के तीन विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला, ललित नागर और कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी मौजूद नहीं थीं, जबकि बाद में हुई विधायक दल की बैठक में विधायक करण सिंह दलाल और रघुबीर कादियान नहीं मौजूद थे। बैठक के बाद दिल्ली में एकजुट कांग्रेस विधायक चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं।
विज्ञापन
राज्यसभा की दूसरी सीट के लिए पूर्व सांसद एवं अधिवक्ता आरके आनंद ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी इनेलो के समर्थन से नामांकन दाखिल किया था। आनंद इससे पहले कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा में एक पारी खेल चुके हैं। आनंद को समर्थन किए जाने के मामले में कांग्रेस कई दिनों से दुविधा में थी।
उधर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सुभाष चंद्रा को जिताने के लिए चंडीगढ़ में डेरा डाल चुके हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव में बेहतर चुनाव प्रबंधन के बाद ही विजयवर्गीय को आलाकमान ने यह जिम्मेदारी साैंपी है। लिहाजा, विजयवर्गीय के लिए भी यह सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है।