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पंजाब क्रिकेट टीम की परफॉरमेंस पर उठाए सवाल
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चंडीगढ़। बीसीसीआई की ओर से डोमेस्टिक क्रिकेट सीजन 2019-20 की समाप्ति पर अंडर- 16 टीम के रनर अप के अलावा हर फ्रंट पर पंजाब टीम की की हालत खस्ता रही है। यह बात पूर्व रणजी खिलाड़ी राकेश हांडा ने शनिवार को सेक्टर- 35 में एक पत्रकार वार्ता में कही। इनकेे अनुसार पंजाब क्रिकेट टीम का रणजी टूर्नामेंट में भी बेहतर प्रदर्शन नहीं रहा है। राकेश हांडा ने बताया कि 2015 के बाद लगातार रणजी टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, क्याेंकि इसके पीछे पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा अपनी मनमानी के कारण टीम की सही चयन ना होना बताया।
उन्होंने बताया कि रणजी ट्रॉफी में पंजाब की अंडर- 19 टीम पांचवीं पोजीशन में पहुंच गई। इसी तरह अंडर- 23 में 21 खिलाड़ी खिलाए गए थे जिससे अपने ग्रुप में पंजाब तीसरे पोजीशन पर पहुंच पाई थी। उन्होंने कहा कि पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन बिना एडवर्टिजमेंट के बिना तजुर्बेकार कोच नियुक्ति कर रही है। हालांकि पंजाब में कई सीनियर क्रिकेटर मौजूद हैं जिनकी सेवाएं ली जानी चाहिए थी।
राकेश हांडा का यह आरोप भी है कि पीसीए में सुप्रीम कोर्ट व लोढ़ा कमीशन की गाइड लाइन की परवाह किए बिना मनमानी से कोच व खिलाड़ियों का चयन हो रहा है। इसीलिए क्रिकेट टीम का स्तर धरातल पर पहुंच रहा है। विजय हजारे ट्राफी में भी पंजाब की टीम सुपर लीग स्टेज के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया । वर्ष 2018 -19 में सीनियर क्रिकेट का पंजाब ओवरऑल चैंपियन था लेकिन इस बार आठवीं पोजीशन पर खिसक गया है।
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इस बारे में पीसीए के सचिव पुनीत बाली ने कहा कि राकेश हांडा के पीसीए की कार्य प्रणाली पर जो प्रश्न उठाए है उनका सच्चाई से दूर दूर तक कोई रिश्ता नही है। वह अपने स्वार्थ के लिए पीसीए को निशाना बना रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि रणजी ट्रॉफी में पंजाब की अंडर- 19 टीम पांचवीं पोजीशन में पहुंच गई। इसी तरह अंडर- 23 में 21 खिलाड़ी खिलाए गए थे जिससे अपने ग्रुप में पंजाब तीसरे पोजीशन पर पहुंच पाई थी। उन्होंने कहा कि पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन बिना एडवर्टिजमेंट के बिना तजुर्बेकार कोच नियुक्ति कर रही है। हालांकि पंजाब में कई सीनियर क्रिकेटर मौजूद हैं जिनकी सेवाएं ली जानी चाहिए थी।
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राकेश हांडा का यह आरोप भी है कि पीसीए में सुप्रीम कोर्ट व लोढ़ा कमीशन की गाइड लाइन की परवाह किए बिना मनमानी से कोच व खिलाड़ियों का चयन हो रहा है। इसीलिए क्रिकेट टीम का स्तर धरातल पर पहुंच रहा है। विजय हजारे ट्राफी में भी पंजाब की टीम सुपर लीग स्टेज के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया । वर्ष 2018 -19 में सीनियर क्रिकेट का पंजाब ओवरऑल चैंपियन था लेकिन इस बार आठवीं पोजीशन पर खिसक गया है।
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इस बारे में पीसीए के सचिव पुनीत बाली ने कहा कि राकेश हांडा के पीसीए की कार्य प्रणाली पर जो प्रश्न उठाए है उनका सच्चाई से दूर दूर तक कोई रिश्ता नही है। वह अपने स्वार्थ के लिए पीसीए को निशाना बना रहे हैं।