{"_id":"592c74e94f1c1bed1abdae0e","slug":"question-raised-on-chandigarh-police-two-big-incident","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ये है चंडीगढ़... दो ऐसे केस जहां पुलिस बनी रही दर्शक और हो गया 'कांड'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये है चंडीगढ़... दो ऐसे केस जहां पुलिस बनी रही दर्शक और हो गया 'कांड'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 30 May 2017 09:28 AM IST
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चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
- फोटो : डेमो फोटो
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यूटी पुलिस का स्लोगन है-वी केयर फॉर यू। लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ दिखता नहीं है। दो वारदातों ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली वारदात रविवार देर रात साढ़े 12 बजे हुई।
मनीमाजरा थाना परिसर में बुजुर्ग को तीन युवकों ने इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पुलिस तमाशा देखती रही। दूसरी वारदात सोमवार सुबह सात बजे हुई। इसमें पुलिस नशे में धुत रईसजादों के रौब में बेबस नजर आई। वे चौकी में उत्पात मचाते रहे और चौकी इंचार्ज चलते बने। सवाल यह है कि यदि पुलिस इसी तरह से ड्यूटी करेगी तो कौन थानों की चौखट पर इंसाफ मांगने आएगा।
दरअसल, थाने के पीछे सब्जी मंडी में रेहड़ी लगाने वाले सुखलाल (85) की रविवार रात साढ़े 12 बजे पीट- पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक सुखलाल के भाई छतरपाल का कहना कि तीन आरोपियों ने पुलिस वालों के सामने थाने में ही सुखलाल को बुरी तरह से पीटा, जिससे उसकी वहीं मौत हो गई। जबकि पुलिस ने एक ही आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। उधर, पीड़ित परिवार ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग को लेकर विरोध जताया और 14 घंटे तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। बाद में पुलिस ने जैसे तैसे समझाकर पोस्टमार्टम कराया।
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मनीमाजरा थाना परिसर में बुजुर्ग को तीन युवकों ने इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पुलिस तमाशा देखती रही। दूसरी वारदात सोमवार सुबह सात बजे हुई। इसमें पुलिस नशे में धुत रईसजादों के रौब में बेबस नजर आई। वे चौकी में उत्पात मचाते रहे और चौकी इंचार्ज चलते बने। सवाल यह है कि यदि पुलिस इसी तरह से ड्यूटी करेगी तो कौन थानों की चौखट पर इंसाफ मांगने आएगा।
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दरअसल, थाने के पीछे सब्जी मंडी में रेहड़ी लगाने वाले सुखलाल (85) की रविवार रात साढ़े 12 बजे पीट- पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक सुखलाल के भाई छतरपाल का कहना कि तीन आरोपियों ने पुलिस वालों के सामने थाने में ही सुखलाल को बुरी तरह से पीटा, जिससे उसकी वहीं मौत हो गई। जबकि पुलिस ने एक ही आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। उधर, पीड़ित परिवार ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग को लेकर विरोध जताया और 14 घंटे तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। बाद में पुलिस ने जैसे तैसे समझाकर पोस्टमार्टम कराया।
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थाने में पुलिस वालों के सामने बुजुर्ग को पीटा, मौत
चंडीगढ़ पुलिस
- फोटो : file photo
मृतक सुखलाल के भाई छतरपाल ने बताया कि रविवार रात साढ़े 12 बजे सब्जी मंडी में विजय, उसके पिता रामकिशोर और बड़े भाई जोगिंदर ने उसके भाई को शराब पीने के बाद हुई बहस में पीट दिया। इसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए थे मनीमाजरा थाने पहुंचे तो तीनों आरोपी भी पीछे पीछे आ गए। यहां फिर उन्होंने पुलिसवालों के सामने ही सुखपाल को डंडों से पीटना शुरू कर दिया। छतरपाल का आरोप है कि मारपीट के दौरान पुलिस वाले उसे पकड़कर थाने के अंदर ले गए। जबकि तीनों आरोपी सुखलाल को पीटते रहे। इस दौरान वह नीचे गिर गया। इससे पुलिसवाले तुरंत हरकत में आए और सुखलाल को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी विजय को रात में ही गिरफ्तार कर लिया।
सोमवार सुबह जब सुखलाल के बेटे राजेंद्र, हरीश, डालचंद और अन्य परिजनों को पता चला कि पुलिस वालों ने सिर्फ विजय पर मामला दर्ज किया हो कॉलोनी के लोगों के साथ वे थाने पहुंचे। पुलिस पीड़ित परिवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सेक्टर 16 ले गई। लेकिन पीड़ितों ने यह कहकर पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया कि जब तक तीनों आरोपियों पर केस दर्ज नहीं किया जाएगा, वे पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। काफी समझाने पर भी जब परिवार नहीं माना तो पुलिस ने बाकी दोनों आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया। तब जाकर तीन बजे शव का पोस्टमार्टम हो सका। हालांकि उन्होंने अंतिम संस्कार नहीं किया है। देर शाम एफआईआर में तीनों का नाम दर्ज कराने के लिए कॉलोनी के लोग फिर थाने में पहुंचे। खबर लिखे जाने तक कॉलोनी के लोग थाने में जमा थे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अन्य आरोपियों का नाम रिपोर्ट में डाला जाएगा। जांच चल रही है।
क्या कहती है पुलिस
वहीं मनीमाजरा थाना प्रभारी हरमिंदर जीत सिंह का कहना है कि सुखलाल से थाना परिसर में मारपीट नहीं हुई है। विजय से उसकी धक्का मुक्की थाने के गेट पर हुई थी, इस दौरान ही सुखलाल नीचे गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई। इनका सब्जी मंडी में आपस में झगड़ा हुआ था। विजय मंडी में ही तरबूज विक्रेता है। उसने शराब पी रहे सुखलाल और छतरपाल को टोक दिया था, जिसके बाद मारपीट हुई। विजय ने सुखलाल के सिर में डंडा मार दिया था।
सोमवार सुबह जब सुखलाल के बेटे राजेंद्र, हरीश, डालचंद और अन्य परिजनों को पता चला कि पुलिस वालों ने सिर्फ विजय पर मामला दर्ज किया हो कॉलोनी के लोगों के साथ वे थाने पहुंचे। पुलिस पीड़ित परिवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सेक्टर 16 ले गई। लेकिन पीड़ितों ने यह कहकर पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया कि जब तक तीनों आरोपियों पर केस दर्ज नहीं किया जाएगा, वे पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। काफी समझाने पर भी जब परिवार नहीं माना तो पुलिस ने बाकी दोनों आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया। तब जाकर तीन बजे शव का पोस्टमार्टम हो सका। हालांकि उन्होंने अंतिम संस्कार नहीं किया है। देर शाम एफआईआर में तीनों का नाम दर्ज कराने के लिए कॉलोनी के लोग फिर थाने में पहुंचे। खबर लिखे जाने तक कॉलोनी के लोग थाने में जमा थे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अन्य आरोपियों का नाम रिपोर्ट में डाला जाएगा। जांच चल रही है।
क्या कहती है पुलिस
वहीं मनीमाजरा थाना प्रभारी हरमिंदर जीत सिंह का कहना है कि सुखलाल से थाना परिसर में मारपीट नहीं हुई है। विजय से उसकी धक्का मुक्की थाने के गेट पर हुई थी, इस दौरान ही सुखलाल नीचे गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई। इनका सब्जी मंडी में आपस में झगड़ा हुआ था। विजय मंडी में ही तरबूज विक्रेता है। उसने शराब पी रहे सुखलाल और छतरपाल को टोक दिया था, जिसके बाद मारपीट हुई। विजय ने सुखलाल के सिर में डंडा मार दिया था।
रईसजादों ने पहले ऑटो के शीशे तोड़े, फिर चौकी में किया हंगामा
रईसजादों ने पहले ऑटो के शीशे तोड़े
दूसरा मामला: सेक्टर-17 बस स्टैंड के सामने 2 बीएमडब्ल्यू कारों में सवार होकर आए 7 रईसजादों ने सोमवार सुबह जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने पहले बीयर की बोतलों से 5 ऑटो के शीशे तोड़े फिर जब उन्हें चौकी ले जाया गया, तो वहां भी खूब हंगामा किया। हद तो यह हो गई कि डेढ़ घंटे तक युवक हंगामा करते रहे मगर पुलिस मूकदर्शक बनकर बैठी रही। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे तक उनका मेडिकल तक नहीं करवाया।
ऑटो चालक का आरोप, आते ही ऑटो पर फेंकने लगे बीयर की बोतलें
पीड़ित ऑटो चालक रामपाल, विक्की, रजत और कर्मनाथ ने बताया कि बस स्टैंड के सामने सेक्टर-22 एरिया में वे 8-10 साल से ऑटो पार्क करते हैं। सोमवार सुबह करीब 7 बजे कार में आए 7 युवकों ने अचानक बीयर की बोतलें ऑटो के शीशे पर मारनी शुरू कर दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनमें से कुछ युवकों ने नशा कर रखा था। इस बीच दोनों पक्षों में कहासुनी और हाथापाई भी हुई।
ऑटो चालक का आरोप, आते ही ऑटो पर फेंकने लगे बीयर की बोतलें
पीड़ित ऑटो चालक रामपाल, विक्की, रजत और कर्मनाथ ने बताया कि बस स्टैंड के सामने सेक्टर-22 एरिया में वे 8-10 साल से ऑटो पार्क करते हैं। सोमवार सुबह करीब 7 बजे कार में आए 7 युवकों ने अचानक बीयर की बोतलें ऑटो के शीशे पर मारनी शुरू कर दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनमें से कुछ युवकों ने नशा कर रखा था। इस बीच दोनों पक्षों में कहासुनी और हाथापाई भी हुई।
हंगामा करते रहे युवक, चौकी छोड़कर चले गए ड्यूटी इंचार्ज
रईसजादों ने पहले ऑटो के शीशे तोड़े
बीएमडब्ल्यू सवार का आरोप, पहले ऑटो वालों ने की मारपीट: बीएमडब्ल्यू सवार एक युवक ने आरोप लगाया कि पहले ऑटो चालकों ने उनके वकील दोस्त से मारपीट की। इसके बाद उन्होंने हमला किया। उसने बताया कि ऑटो चालकों ने उस पर भी डंडे से वार किया है।
हंगामा करते रहे युवक, चौकी छोड़कर चले गए ड्यूटी इंचार्ज
बीएमडब्ल्यू सवार जिन पांच युवकों को पुलिस चौकी ले जाया गया, वे वहां भी मनमर्जी से इधर-उधर घूम रहे थे। 2 युवक तो बार-बार लड़खड़ा रहे थे। यही नहीं बार-बार चौकी के सामने से पत्थर उठाकर गाड़ियों पर मारने की धमकी दे रहे थे। इसके बावजूद पुलिस चौकी में चुप्पी साधकर बैठी रही। यही नहीं ड्यूटी अधिकारी भी उन्हें चौकी में छोड़कर चलते बने।
चौकी इंचार्ज बोले, ऑटो वालों ने किया था कमेंट, इसलिए हुआ टकराव
देर शाम सेक्टर-22 चौकी इंचार्ज जोगिंदर सिंह से जब इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि ऑटो चालकों ने बीएमडब्ल्यू चालकों पर कमेंट किया था। इसके बाद दोनों पक्ष में टकराव हुआ। अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
हंगामा करते रहे युवक, चौकी छोड़कर चले गए ड्यूटी इंचार्ज
बीएमडब्ल्यू सवार जिन पांच युवकों को पुलिस चौकी ले जाया गया, वे वहां भी मनमर्जी से इधर-उधर घूम रहे थे। 2 युवक तो बार-बार लड़खड़ा रहे थे। यही नहीं बार-बार चौकी के सामने से पत्थर उठाकर गाड़ियों पर मारने की धमकी दे रहे थे। इसके बावजूद पुलिस चौकी में चुप्पी साधकर बैठी रही। यही नहीं ड्यूटी अधिकारी भी उन्हें चौकी में छोड़कर चलते बने।
चौकी इंचार्ज बोले, ऑटो वालों ने किया था कमेंट, इसलिए हुआ टकराव
देर शाम सेक्टर-22 चौकी इंचार्ज जोगिंदर सिंह से जब इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि ऑटो चालकों ने बीएमडब्ल्यू चालकों पर कमेंट किया था। इसके बाद दोनों पक्ष में टकराव हुआ। अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।