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जीएमसीएच 32 में स्टेट कोटे के नियम पर उठा सवाल, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Tue, 03 Jul 2018 09:41 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 03 Jul 2018 09:41 AM IST
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Question on the rule of state quota in GMCH
हाईकोर्ट
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में एमबीबीएस कोर्स में दाखिले को लेकर निर्धारित किए गए स्टेट कोटे के नियम स्पष्ट नहीं होने के खिलाफ दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन व जीएमसीएच के डायरेक्टर प्रिंसिपल को 4 जुलाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता, जोकि स्टेट कोटे सहित अनुसूचित जाति वर्ग में आवेदन कर चुका है, के बारे में हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि कॉलेज में अनुसूचित जाति वर्ग के कोटे के दाखिला हाईकोर्ट में दायर इस याचिका पर अंतिम फैसले पर ही निर्भर करेगा।
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दायर याचिका में कहा गया कि जीएमसीएच में एमबीबीएस कोर्स के लिए निर्धारित स्टेट कोटे के तहत दाखिला लेने के लिए चंडीगढ़ से बारहवीं पास किए जाने का पैमाना बनाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस पैमाने के आधार पर कोई भी बाहरी छात्र चंडीगढ़ के किसी भी स्कूल से सिर्फ बारहवीं पास करके उक्त कोटे के तहत दाखिला ले सकता है।
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भले ही छात्र ने ग्यारहवीं तक की पढ़ाई किसी अन्य राज्य से की हो। लेकिन जो छात्र शुरू से ही चंडीगढ़ के स्कूलों में पढ़ा है और जिसने शहर के ही किसी स्कूल से दसवीं की है लेकिन बारहवीं किसी अन्य राज्य से की है, उसे बाहर से आकर बारहवीं करने वाले छात्र से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।

याचिकाकर्ता चंडीगढ़ निवासी सभ्यकमल ने एडवोकेट अभिनव गुप्ता के जरिये दायर की अपनी याचिका में कहा है कि जीएमसीएच में स्टेट कोटे के तहत 85 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। स्टेट कोटे के तहत सिर्फ उन्हीं आवेदकों को दाखिला दिया जाता है जिन्होंने शहर के किसी भी स्कूल से बारहवीं की हो।


याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने दसवीं तक की शिक्षा चंडीगढ़ के स्कूल से हासिल की लेकिन प्रशासन की स्टेट कोटे को लेकर बनाए गए अस्पष्ट नियमों के चलते कई बाहरी छात्र भी इस कोटे के तहत दाखिला ले रहे हैं जिन्होंने बारहवीं शहर के किसी स्कूल से की है। इसके साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि याचिकाकर्ता अनुसूचित जाति वर्ग से है, इसलिए उसे दाखिले में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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