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और इस कारण नहीं हो सके मीटिंग में फैसले
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 19 Dec 2013 11:43 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी में पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पूटा) की जनरल बॉडी मीटिंग बुलाई गई। लेकिन, बैठक में 60 सदस्यों का कोरम भी पूरा नहीं हो सका और बैठक में लाए जाने वाले एजेंडों पर कोई फैसला नहीं हो सका।
कई सालों बाद ऐसा हुआ कि पूटा बैठक में कोरम पूरा नहीं होने से बैठक नहीं चल सकी। बुधवार को पीयू के केमिस्ट्री विभाग के ऑडिटोरियम में बुलाई गई पूट बुलाई गई जनरल बॉडी मीटिंग में मुश्किल से 35 से 40 के बीच ही सदस्य पहुंचे।
बाद में कुछ सदस्यों के सुझाव पर अनऔपचारिक तौर पर कीरब डेढ़ घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पूटा के पूर्व प्रधानों ने भी शिक्षकों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर मौजूदा पूटा कार्यकारणी के सामने कई सवाल उठाए।
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बैठक में पूर्व पूटा प्रधान प्रो.रौनकी राम, डा.मोहम्मद खालिद और प्रो.अक्षय कुमार भी मौजूद थे। बैठक में पंजाब यूनिवर्सिटी और एफिलिएटेड कालेजों में शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का मुद्दा भी उठा।
प्रो. रौनकी राम ने इस बारे में बताया कि पंजाब के शिक्षा मंत्री और डायरेक्टर हायर एजूकेशन से इस संबंध में काफी सकारात्मक बातचीत चल रही है।
उधर बैठक में पूटा कार्यकारणी में पीयू के रीजनल सेंटर के शिक्षकों को भी सदस्य बनाने और नॉन टीचिंग स्टॉफ को भी शामिल किए जाने पर काफी लंबी बहस हुई।
बैठक में ली इनकेशमेंट और चाइल्ड केयर लीव के काफी लंबे समय से लंबित मुद्दों को जल्द हल करने के लिए पूटा कार्यकारणी पर दबाव बनाया गया।
बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए पीएचडी को नेट से छूट संबंधी मामले पर भी काफी चर्चा हुई। केश प्रमोशन का मामले में भी पूटा सदस्यों ने विचार रखे।
फरवरी में हो सकती है बैठक
पूटा की अगली बैठक अब फरवरी में ही होने की उम्मीद है। जानकारी अनुसार दिसंबर के अंत से जनवरी मध्य तक विंटर ब्रेक रहेगा।
ऐसे में जनवरी अंत या फरवरी के शुरूआत में बैठक बुलाई जा सकती है। पूटा के वाइस प्रेसिडेंट डा.अशोक कुमार का कहना है कि पीयू मे परीक्षाएं जारी होने के कारण बैठक में अधिक शिक्षक हिस्सा नहीं ले सके।
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कई सालों बाद ऐसा हुआ कि पूटा बैठक में कोरम पूरा नहीं होने से बैठक नहीं चल सकी। बुधवार को पीयू के केमिस्ट्री विभाग के ऑडिटोरियम में बुलाई गई पूट बुलाई गई जनरल बॉडी मीटिंग में मुश्किल से 35 से 40 के बीच ही सदस्य पहुंचे।
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बाद में कुछ सदस्यों के सुझाव पर अनऔपचारिक तौर पर कीरब डेढ़ घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पूटा के पूर्व प्रधानों ने भी शिक्षकों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर मौजूदा पूटा कार्यकारणी के सामने कई सवाल उठाए।
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बैठक में पूर्व पूटा प्रधान प्रो.रौनकी राम, डा.मोहम्मद खालिद और प्रो.अक्षय कुमार भी मौजूद थे। बैठक में पंजाब यूनिवर्सिटी और एफिलिएटेड कालेजों में शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का मुद्दा भी उठा।
प्रो. रौनकी राम ने इस बारे में बताया कि पंजाब के शिक्षा मंत्री और डायरेक्टर हायर एजूकेशन से इस संबंध में काफी सकारात्मक बातचीत चल रही है।
उधर बैठक में पूटा कार्यकारणी में पीयू के रीजनल सेंटर के शिक्षकों को भी सदस्य बनाने और नॉन टीचिंग स्टॉफ को भी शामिल किए जाने पर काफी लंबी बहस हुई।
बैठक में ली इनकेशमेंट और चाइल्ड केयर लीव के काफी लंबे समय से लंबित मुद्दों को जल्द हल करने के लिए पूटा कार्यकारणी पर दबाव बनाया गया।
बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए पीएचडी को नेट से छूट संबंधी मामले पर भी काफी चर्चा हुई। केश प्रमोशन का मामले में भी पूटा सदस्यों ने विचार रखे।
फरवरी में हो सकती है बैठक
पूटा की अगली बैठक अब फरवरी में ही होने की उम्मीद है। जानकारी अनुसार दिसंबर के अंत से जनवरी मध्य तक विंटर ब्रेक रहेगा।
ऐसे में जनवरी अंत या फरवरी के शुरूआत में बैठक बुलाई जा सकती है। पूटा के वाइस प्रेसिडेंट डा.अशोक कुमार का कहना है कि पीयू मे परीक्षाएं जारी होने के कारण बैठक में अधिक शिक्षक हिस्सा नहीं ले सके।