{"_id":"7d6d122769dc96ee95f06db0554793f9","slug":"punjabi-movies-foreign-cinema-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":" विदेशियों को बड़ा लुभाता है गिप्पी, दलजीत का जादू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेशियों को बड़ा लुभाता है गिप्पी, दलजीत का जादू
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 10 Dec 2013 12:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेशक पंजाब में पंजाबी फिल्मों का धंधा मंदा हो चुका है पर विदेश में तो यह टॉप गेयर पर है। यहां पंजाब की फिल्में ज्यादा चलती हैं। इसका कारण है पंजाबी कम्युनिटी।
विदेशों में पंजाबी सिनेमा की मांग भी बढ़ी है और इसके दीवाने भी। इसकी मार्केट है कनाडा, अमेरिका और यूके। दिलजीत दोसांझ, गिप्पी ग्रेवाल और हनी सिंह का जादू यहां सिर चढ़कर बोलता है।
‘इश्क गरारी’ के प्रोड्यूसर रवि जैन ने कहा कि फिल्म के निर्माता यूएसए और कनाडा में डिस्ट्रिब्यूटर पहले ही तलाश लेते हैं। अब पंजाबी फिल्में ज्यादा प्रोड्यूस हो रही हैं। फिल्मों की सफलता में इसकी मार्केटिंग विदेश में ज्यादा होना है।
विज्ञापन
पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री अच्छी फिल्में तैयार कर रही है। इसी कारण से लोग उनको पसंद कर रहे हैं। रवि जैन ने कहा कि कनाडा और यूएसए में बॉलीवुड एक्टर्स के फैन कम हैं जबकि पंजाबी गायकों के ज्यादा।
निर्देशक समीप कंग ने कहा कि फिल्मों की नई मार्केट मिडल ईस्ट है। इसमें इटली, नार्वे और जर्मनी की मार्केट में पंजाबी सिनेमा स्थान बना चुका है। यहां पंजाबी बोलने वाले लोग काफी हैं। इसी कारण ज्यादा रिटर्न मिलता है।
उन्होने कहा कि दुबई, लंदन, इटली ,नार्वे, यूएसए, यूके, कनाडा के बाद पोलैंड ,हॉलैंड, केपटाउन, रूस प्रमुख हैं। ‘इश्क ब्रांडी’ के निदेशक अमित पराशर ने कहा कि उनकी फिल्म की शूटिंग मॉरीशस में हुई है।
वहां लोग पंजाबी कलाकारों को जानते थे। अब उन्होंने फैसला किया है कि उनकी फिल्म मॉरीशस में जरूर दिखाई जाए।
विज्ञापन
विदेशों में पंजाबी सिनेमा की मांग भी बढ़ी है और इसके दीवाने भी। इसकी मार्केट है कनाडा, अमेरिका और यूके। दिलजीत दोसांझ, गिप्पी ग्रेवाल और हनी सिंह का जादू यहां सिर चढ़कर बोलता है।
विज्ञापन
‘इश्क गरारी’ के प्रोड्यूसर रवि जैन ने कहा कि फिल्म के निर्माता यूएसए और कनाडा में डिस्ट्रिब्यूटर पहले ही तलाश लेते हैं। अब पंजाबी फिल्में ज्यादा प्रोड्यूस हो रही हैं। फिल्मों की सफलता में इसकी मार्केटिंग विदेश में ज्यादा होना है।
विज्ञापन
पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री अच्छी फिल्में तैयार कर रही है। इसी कारण से लोग उनको पसंद कर रहे हैं। रवि जैन ने कहा कि कनाडा और यूएसए में बॉलीवुड एक्टर्स के फैन कम हैं जबकि पंजाबी गायकों के ज्यादा।
निर्देशक समीप कंग ने कहा कि फिल्मों की नई मार्केट मिडल ईस्ट है। इसमें इटली, नार्वे और जर्मनी की मार्केट में पंजाबी सिनेमा स्थान बना चुका है। यहां पंजाबी बोलने वाले लोग काफी हैं। इसी कारण ज्यादा रिटर्न मिलता है।
उन्होने कहा कि दुबई, लंदन, इटली ,नार्वे, यूएसए, यूके, कनाडा के बाद पोलैंड ,हॉलैंड, केपटाउन, रूस प्रमुख हैं। ‘इश्क ब्रांडी’ के निदेशक अमित पराशर ने कहा कि उनकी फिल्म की शूटिंग मॉरीशस में हुई है।
वहां लोग पंजाबी कलाकारों को जानते थे। अब उन्होंने फैसला किया है कि उनकी फिल्म मॉरीशस में जरूर दिखाई जाए।