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पंजाबी लोक गायकी को अपने हुनर से संवारा, सम्मान मिला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 14 Feb 2016 10:25 AM IST
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अपने हुनर से जिन्होंने पंजाब लोक गायकी को संवारा, उन्हें चंडीगढ़ के पंजाब कला भवन में विशेष सम्मान से नवाजा गया। इसके लिए पंजाबी लोक रंग सम्मान समारोह का आयोजन चंडीगढ़ साहित्य अकादमी की ओर से किया गया।
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कार्यक्रम में लोक गायक अमरजीत गुरदासपुरी, सुखमिंदर कौर (सुक्खी बराड़), हरदेव सिंह लालबाई, बहादर राम, बलदेव सिंह हल्ला को सम्मानित किया गया। इस मौके पर आईएएस कान सिंह पन्नू मुख्य मेहमान के रूप में मौजूद रहे। इन सभी कलाकारों को पंजाबी लोक गायकी में कई वर्षों तक बेहतरीन योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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इन्हें मिला सम्मान
- हरदेव सिंह लालबाई हरदेव सिंह कविशरी बाजू रजब अली के घराने से हैं और कई वर्षों से उनकी कविशरी को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
- बलदेव सिंह का नाम पंजाबी लोक नृत्य के उन कलाकारों में शुमार है जिन्होंने देश के विभाजन के बाद पंजाब में भंगड़े की नर्सरी लगाई।
- अमरजीत गुरदासपुरी पंजाबी लोक गायक हैं। वह वर्ष 1947 से इससे जुड़े हैं।
- बहादर राम पंजाब के मशहूर ढोल बजाने वालाें की सूची में शुमार हैं। वह अपनी कला को बढ़ाने में जुटे हैं।
- सुखमिंदर कौर (सुक्खी बराड़) लोक गायिका हैं, वह कई वर्षों से इससे जुड़ी हैं। उन्होंने कई लोक गीतों में अपनी आवाज दी हैं।
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