फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab University Decision not to Provide Degrees to SC ST Students of Punjab

पंजाब: अधर में हजारों विद्यार्थियों का भविष्य, पीयू ने एससी-एसटी छात्रों की डिग्रियों पर लगाई रोक

Fri, 05 Apr 2019 10:33 AM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 05 Apr 2019 10:33 AM IST
विज्ञापन
Punjab University Decision not to Provide Degrees to SC ST Students of Punjab
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस - फोटो : file photo
पंजाब के अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों के लिए बुरी खबर है। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ ने इन छात्रों की डिग्रियों पर रोक लगा दी है। यह डिग्रियां तभी दी जाएंगी, जब पंजाब सरकार इन विद्यार्थियों पर खर्च की गई रकम का भुगतान कर देगी। चार साल से पंजाब सरकार एससी-एसटी के आठ हजार से अधिक विद्यार्थियों पर खर्च रकम का भुगतान नहीं कर पाई है।
विज्ञापन


पंजाब सरकार पर पीयू का दस करोड़ रुपये बकाया है। इसी को ध्यान में रखकर पीयू ने यह निर्णय किया है। सरकार व पीयू की इस खींचतान में हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। हालांकि कुछ छात्रों के पैसे पीयू के पास पहुंचे तो उनकी डिग्रियां दे दी गई हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप हर साल केंद्र सरकार की ओर से जारी की जाती है।
विज्ञापन


एससी-एसटी के विद्यार्थी संस्थानों में दाखिला लेते हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी व इससे संबद्ध कॉलेजों में भी हजारों एससी-एसटी विद्यार्थियों के दाखिले हर साल होते हैं। इसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, चंडीगढ़ व अन्य प्रदेशों के विद्यार्थी शामिल होते हैं। केंद्र सरकार देश भर के एससी-एसटी विद्यार्थियों के खातों में रकम भेजती है, लेकिन पंजाब में व्यवस्था अलग है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां के विद्यार्थी पीयू व इससे संबद्ध कॉलेजों में पहले दाखिला लेते हैं। उसके बाद उनकी फीस का भुगतान प्रदेश सरकार करती है, जो सीधे पीयू के खाते में जाती है। वर्ष 2015 से लेकर वर्ष 2018 तक विश्वविद्यालय व कॉलेजों में आठ हजार से अधिक विद्यार्थियों ने स्नातक व परास्नातक कक्षाओं में दाखिला लिया। इन पर पीयू ने लगभग दस करोड़ रुपये खर्च किए।

नियमों के मुताबिक, पीयू को इसका भुगतान पंजाब सरकार को करना चाहिए था, ताकि प्रवेश देने वाले कॉलेजों को भी रकम समय से दी जा सके। मगर सरकार की ओर से यह कदम नहीं उठाए गए।

दाखिले पर संकट, देनी पड़ सकती है फीस

दस करोड़ रुपये का भुगतान पंजाब सरकार नहीं कर पाई। इसके चलते पीयू एक और कदम उठाने की योजना बना रहा है। सूत्रों का कहना है कि पंजाब के एससी-एसटी विद्यार्थियों से दाखिले के समय शुल्क लिया जाएगा। हालांकि अभी इसकी घोषणा नहीं हुई है। अगर ऐसा हुआ तो हजारों विद्यार्थियों को समस्या का सामना करना पड़ेगा।

केंद्र दे चुका पंजाब को रकम
पिछले साल पीयू के एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री विजय सांपला आए थे। उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा था कि उन्होंने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप पंजाब सरकार के खाते में भेज दी है। अब पंजाब सरकार का दायित्व है कि विद्यार्थियों को उससे लाभान्वित करे। ऐसे में सवाल उठता है कि जब केंद्र सरकार रकम दे चुकी है तो फिर पंजाब सरकार इन विद्यार्थियों के लिए आगे के रास्ते क्यों बंद करना चाहती है? उधर, पंजाब सरकार की ओर से भी समय-समय पर यह बात कही गई कि उन्हें केंद्र सरकार से पैसे नहीं मिले हैं।

पंजाब सरकार से नहीं मिली रकम
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की रकम पीयू को पंजाब सरकार से नहीं मिली है। पंजाब सरकार के साथ करार हो रखा है कि यदि विद्यार्थियों की फीस का भुगतान नहीं किया गया तो पीयू छात्रों को डिग्रियां नहीं देगा। कुछ छात्रों के पैसे मिले तो उनकी डिग्रियां दे दी गई हैं। बाकी की रोकी गई हैं।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार पीयू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed