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पंजाब यूनिवर्सिटी से निकलेगा देशभर के 117 पिछड़े गांवों के कायाकल्प का रास्ता, जानिए कैसे
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 03 Oct 2018 01:12 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी
- फोटो : file photo
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ पूरा करेगी, क्योंकि देशभर के 117 पिछड़े गांवों के कायाकल्प का रास्ता यहीं से निकलेगा। इसके लिए देशभर के विश्वविद्यालयों से आए प्रोफेसर मंथन करेंगे। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत भी प्रोफेसरों की बात सुनेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग से कहा था कि देशभर के अति पिछड़े जिलों की सूची बनाएं। उस पर काम हुआ। प्रथम चरण में 115 जिलों का नाम शामिल हुआ। उसी में दो जिले और बढ़ गए। इस तरह पिछड़े जिलों की संख्या 117 हो गई। इन गांवों में कैसे विकास हो? राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए तो यह गांव चयनित नहीं किए गए हैं? इन सभी सवालों का जवाब भी यहां मिलेगा।
आयोग ने इस पर मंथन के लिए यूजीसी को जिम्मा सौंपा है। इसके लिए यूजीसी ने पंजाब यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग को चुना है। विभाग की ओर से चार व पांच अक्टूबर को सेमिनार आयोजित कराया जा रहा है। इस दो दिनी सेमिनार में देशभर के 48 विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
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सेमिनार में जो निर्णय आएगा, वह आयोग को भेजा जाएगा और उसी आधार पर योजनाएं बनेंगी। पंजाब, हरियाणा व हिमाचल के जिन गांवों का चयन किया गया है वहां के प्रमुख अधिकारियों को भी इस सेमिनार में आने का निमंत्रण भेजा गया है।
गांवों के कायाकल्प के लिए नेशनल सेमिनार पीयू में होने जा रहा है। इसमें देशभर के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। सेमिनार में जो निर्णय आएगा, उसे यूजीसी व नीति आयोग को भेजा जाएगा।
- प्रो. कृष्ण मोहन, सेमिनार कन्वीनर
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पीएम नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग से कहा था कि देशभर के अति पिछड़े जिलों की सूची बनाएं। उस पर काम हुआ। प्रथम चरण में 115 जिलों का नाम शामिल हुआ। उसी में दो जिले और बढ़ गए। इस तरह पिछड़े जिलों की संख्या 117 हो गई। इन गांवों में कैसे विकास हो? राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए तो यह गांव चयनित नहीं किए गए हैं? इन सभी सवालों का जवाब भी यहां मिलेगा।
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आयोग ने इस पर मंथन के लिए यूजीसी को जिम्मा सौंपा है। इसके लिए यूजीसी ने पंजाब यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग को चुना है। विभाग की ओर से चार व पांच अक्टूबर को सेमिनार आयोजित कराया जा रहा है। इस दो दिनी सेमिनार में देशभर के 48 विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
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सेमिनार में जो निर्णय आएगा, वह आयोग को भेजा जाएगा और उसी आधार पर योजनाएं बनेंगी। पंजाब, हरियाणा व हिमाचल के जिन गांवों का चयन किया गया है वहां के प्रमुख अधिकारियों को भी इस सेमिनार में आने का निमंत्रण भेजा गया है।
गांवों के कायाकल्प के लिए नेशनल सेमिनार पीयू में होने जा रहा है। इसमें देशभर के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। सेमिनार में जो निर्णय आएगा, उसे यूजीसी व नीति आयोग को भेजा जाएगा।
- प्रो. कृष्ण मोहन, सेमिनार कन्वीनर