Punjab News: हड़ताल पर गए तो ड्यूटी से बाहर होंगे कच्चे मुलाजिम, परिवहन विभाग ने जारी किया सख्त आदेश
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिम लंबे समय से नौकरी में पक्का करने की मांग को लेकर चक्का जाम हड़ताल करते रहे हैं। कच्चे मुलाजिमों की यूनियन के साथ बैठक के बाद दिसंबर में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य सचिव को मामला सुलझाने के निर्देश दिया था।
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पंजाब रोडवेज और पनबस के कच्चे मुलाजिमों ने अगर नौकरी में पक्का करने की मांग को लेकर अब हड़ताल की या बस डिपो बंद करने का नोटिस भी दिया तो उन्हें तुरंत बस डिपुओं के ड्यूटी सेक्शन से हटाकर नियमित मुलाजिमों को तैनात कर दिया जाएगा। यह आदेश पंजाब परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश के सभी पंजाब रोडवेज और पनबस के डिपुओं के मैनेजरों और जनरल मैनेजरों को भेजे पत्र में दिए गए हैं।
पत्र में लिखा गया है कि पंजाब रोडवेज व पनबस के सभी डिपुओं में आउटसोर्स व कांट्रैक्ट के आधार पर काम कर रहे वर्करों द्वारा लंबे समय से लगातार हर महीने डिपो बंद करने/मुकम्मल हड़ताल करने संबंधी नोटिस दिए जाते रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किए जा रहे हैं कि अब जब भी आउटसोर्स या कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन द्वारा हड़ताल पर जाने के लिए नोटिस दिया जाए तो तुरंत उसी दिन ड्यूटी सेक्शन में तैनात आउटसोर्स और कांट्रैक्ट वर्करों को बदलकर उनके स्थान पर नियमित मुलाजिमों को डिपो सेक्शन में तैनात कर दिया जाए। यह आदेश परिवहन मंत्री की मंजूरी के बाद जारी किया गया है।
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिम लंबे समय से नौकरी में पक्का करने की मांग को लेकर चक्का जाम हड़ताल करते रहे हैं। कच्चे मुलाजिमों की यूनियन के साथ बैठक के बाद दिसंबर में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य सचिव को मामला सुलझाने के निर्देश दिया था। इसके बाद मुख्य सचिव ने भी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने, कच्चे ड्राइवरों-कंडक्टरों पर विभाग द्वारा दर्ज विभिन्न मामलों का निपटारा करने का आश्वासन दिया था। इस बैठक के आधार पर यूनियन ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी थी लेकिन परिवहन विभाग द्वारा जारी उक्त ताजा आदेश के बाद फिर से विवाद बढ़ने के आसार पैदा हो गए हैं।
कर्मचारी यूनियन ने लगाए गंभीर आरोप
पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कांट्रैक्ट मुलाजिम यूनियन पंजाब की ओर से परिवहन विभाग के नए आदेश की निंदा करते हुए आरोप लगाया गया कि यूनियन और मुख्य सचिव के बीच वार्ता में हुए फैसलों को लागू करने के बजाय कांट्रैक्ट ठेकेदार से मिलीभगत करने और निजी बस ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
यूनियन के संस्थापक कमल कुमार और प्रांतीय अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने एक बयान में कहा कि मुख्य सचिव की ओर से यूनियन को एक माह में मांगों का हल करने का भरोसा दिया गया था लेकिन परिवहन विभाग के नए पत्र से साफ हो गया है कि विभाग के आला अफसर ही विभाग को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं।
पिछली हड़ताल के लिए कांट्रैक्ट ठेकेदार द्वारा कच्चे मुलाजिमों का वेतन काट लिया गया है, जो विभाग के अफसरों के इशारे पर हुआ है। नए पत्र से साफ हो गया है कि विभाग मुलाजिमों की मांगों का हल निकालने के बजाय माहौल बिगाड़ना चाह रहा है ताकि पंजाब रोडवेज और पनबस को नुकसान पहुंचे और निजी बस ऑपरेटरों को लाभ हो।