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Punjab News: एक जनवरी से मिलेगा पंजाब के शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ

Thu, 29 Dec 2022 12:02 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 29 Dec 2022 12:02 PM IST
सार

अध्यापकों को 280 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिलेगा। इसके साथ ही कॉलेजों में काम करने वाले गेस्ट फैकल्टी और पार्टटाइम अध्यापकों के वेतन में वृद्धि की गई और उनको कई प्रकार की छुट्टियों की सुविधा दी गई। पंजाबी मातृभाषा को समर्पित नवंबर महीने को पंजाबी माह के तौर पर मनाया गया।

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Punjab teachers will get the benefit of 7th pay commission from January 1
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कॉलेजों व विश्वविद्यालय के अध्यापकों को यूजीसी के 7वें वेतन आयोग का लाभ एक जनवरी 2023 से मिलना शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 5 सितंबर 2022 को शिक्षक दिवस पर कॉलेज और यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स को सातवां वेतनमान देने का एलान किया था। हालांकि देश भर में पंजाब सरकार ने सबसे देरी से सातवां वेतनमान जारी किया है। जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार ने एरियर को दो किस्तों में देने का वादा किया है। सातवां वेतनमान लागू होने से चंडीगढ़ और पंजाब के कॉलेजों में गेस्ट और कांट्रेक्ट पर कार्यरत सैकड़ों शिक्षकों का भी वेतन बढ़ेगा। 

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अध्यापकों को 280 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिलेगा। इसके साथ ही कॉलेजों में काम करने वाले गेस्ट फैकल्टी और पार्टटाइम अध्यापकों के वेतन में वृद्धि की गई और उनको कई प्रकार की छुट्टियों की सुविधा दी गई। पंजाबी मातृभाषा को समर्पित नवंबर महीने को पंजाबी माह के तौर पर मनाया गया। अमृतसर में एक राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यभर में 21 फरवरी 2023 तक सभी बोर्डों पर पंजाबी भाषा को प्राथमिकता देने का एलान किया। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फरवरी के बाद इन आदेशों का पालन न करने पर जुर्माने किए जाएंगे।
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नामी साहित्यकारों को याद किया
पंजाबी माह की शुरुआत में भाषा भवन में सर्वोत्तम पुस्तकों के लिए चुने गए लेखकों को इनाम दिए गए। इसके अलावा पूरा महीने बड़े साहित्यकारों को समर्पित समारोह करवाए गए। वारिस शाह, भाई वीर सिंह, बलवंत गार्गी, नानक सिंह, संत राम उदासी, अजमेर औलख को अलग-अलग समारोहों द्वारा याद किया गया। नए जिला पुस्तकालयों के लिए 30 करोड़ रुपये का बजट रखा गया। इस वर्ष कहानीकार सुखजीत को ‘मैं अयन घोष नहीं’ और भूपिंदर कौर प्रीत को आदिवासी कविता पुस्तक... नगारे वांग वजदे शब्द के अनुवाद के लिए भारतीय साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया, जो पंजाब के लिए गर्व की बात रही।

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