{"_id":"590afdcc4f1c1b23418b458e","slug":"punjab-state-congress-president-election-many-candidates-in-field","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आखिर कौन होगा कांग्रेस का नया पंजाब प्रदेश प्रधान, समीकरणों पर एक नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर कौन होगा कांग्रेस का नया पंजाब प्रदेश प्रधान, समीकरणों पर एक नजर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 04 May 2017 03:40 PM IST
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शपथ ग्रहण समारोह की झलकियां
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब प्रदेश प्रधान पद के लिए कांग्रेस इस बार बहुत बड़ा दांव खेल सकती हैं। मैदान में कई दावेदार खड़े है, जिनमें जबरदस्त मुकाबला है। कहां जा रहा है कि कांग्रेस किसी हिंदू नेता पर दांव खेल सकती है। अगर ऐसा होता है तो पूर्व सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ प्रधानगी के प्रबल दावेदार होंगे।
पंजाब में हिंदू आमतौर पर कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक रहा है। आतंकवाद के दौर से ही हिंदू हमेशा कांग्रेस के साथ रहे, लेकिन 2007 के विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह अकालियों के पंथक किले को ध्वस्त करने में लगे थे।
अकालियों से पंथक एजेंडा छीनने के चक्कर में कांग्रेस ने चुनाव प्रचार और टिकट वितरण के दौरान हिंदुओं और दलितों को नजरअंदाज किया। इसके चलते हिंदू भाजपा के पाले में चले गए और दलितों ने शिअद का दामन थाम लिया। तब से कांग्रेस के ये दोनों परंपरागत वोट बैंक पार्टी से दूर ही थे, लेकिन हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान स्थितियां बदल गईं।
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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर अरविंद केजरीवाल ने अकाली दल का पंथक एजेंडा छीनने की कोशिश की। केजरीवाल एक पूर्व आतंकी के घर रुके। खालिस्तान समर्थकों ने आप की हिमायत की।
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पंजाब में हिंदू आमतौर पर कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक रहा है। आतंकवाद के दौर से ही हिंदू हमेशा कांग्रेस के साथ रहे, लेकिन 2007 के विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह अकालियों के पंथक किले को ध्वस्त करने में लगे थे।
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अकालियों से पंथक एजेंडा छीनने के चक्कर में कांग्रेस ने चुनाव प्रचार और टिकट वितरण के दौरान हिंदुओं और दलितों को नजरअंदाज किया। इसके चलते हिंदू भाजपा के पाले में चले गए और दलितों ने शिअद का दामन थाम लिया। तब से कांग्रेस के ये दोनों परंपरागत वोट बैंक पार्टी से दूर ही थे, लेकिन हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान स्थितियां बदल गईं।
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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर अरविंद केजरीवाल ने अकाली दल का पंथक एजेंडा छीनने की कोशिश की। केजरीवाल एक पूर्व आतंकी के घर रुके। खालिस्तान समर्थकों ने आप की हिमायत की।
मौड़ में ब्लास्ट के बाद हिन्दू वोट बैंक कांग्रेस के पाले में
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कैप्टन अमरिंदर
- फोटो : अमर उजाला
मौड़ में हरमिंदर जस्सी की सभा के दौरान बम ब्लास्ट हो गया, जिसके बाद हिंदू वोट बैंक कांग्रेस की तरफ लौट आया। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पार्टी अब अपने इस वोट बैंक को बरकरार रखना चाहती है, इसलिए हाईकमान के स्तर पर यह राय बन गई है कि प्रदेश प्रधान किसी हिंदू नेता को ही बनाया जाए।
बहुत कम उम्मीद है कि पार्टी किसी दलित को जिम्मेदारी सौंपे। पर यह तय हो गया है कि किसी जट सिख को प्रधानगी नहीं दी जाएगी। अगर पार्टी हिंदू नेता पर दांव खेलती है तो सुनील जाखड़ सबसे प्रबल दावेदार होंगे। यह तय है कि प्रधान कैप्टन की पसंद का ही बनना है और जाखड़ पर कैप्टन को एतराज नहीं होगा।
प्रताप बाजवा को हटाकर कैप्टन को प्रधान बनाने में जाखड़ की सबसे अहम भूमिका रही है। हालांकि, वादे के मुताबिक कैप्टन बाद में जाखड़ को राज्यसभा नहीं भेज सके थे। जाखड़ के सामने लाल सिंह जैसे सीनियर नेता की चुनौती थी, पर उन्हें मंडी बोर्ड का चेयरमैन बना दिया गया है, लाल सिंह खुद ही दौड़ से हट गए हैं।
अगर पार्टी ने दोबारा मंथन किया और किसी दलित को जिम्मेदारी सौंपने का मन बनाया तो डॉ. राजकुमार वेरका प्रमुख दावेदारों में से हैं।
बहुत कम उम्मीद है कि पार्टी किसी दलित को जिम्मेदारी सौंपे। पर यह तय हो गया है कि किसी जट सिख को प्रधानगी नहीं दी जाएगी। अगर पार्टी हिंदू नेता पर दांव खेलती है तो सुनील जाखड़ सबसे प्रबल दावेदार होंगे। यह तय है कि प्रधान कैप्टन की पसंद का ही बनना है और जाखड़ पर कैप्टन को एतराज नहीं होगा।
प्रताप बाजवा को हटाकर कैप्टन को प्रधान बनाने में जाखड़ की सबसे अहम भूमिका रही है। हालांकि, वादे के मुताबिक कैप्टन बाद में जाखड़ को राज्यसभा नहीं भेज सके थे। जाखड़ के सामने लाल सिंह जैसे सीनियर नेता की चुनौती थी, पर उन्हें मंडी बोर्ड का चेयरमैन बना दिया गया है, लाल सिंह खुद ही दौड़ से हट गए हैं।
अगर पार्टी ने दोबारा मंथन किया और किसी दलित को जिम्मेदारी सौंपने का मन बनाया तो डॉ. राजकुमार वेरका प्रमुख दावेदारों में से हैं।
जल्द शुरू होगी संगठन चुनाव की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
प्रदेश कांग्रेस में संगठन चुनाव की प्रक्रिया का एलान कर प्रदेश महासचिव कैप्टन संदीप संधू को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। 15 मई तक मेंबरशिप, छह अगस्त को मेंबरशिप लिस्ट का प्रकाशन होगा। प्राइमरी कमेटियों के चुनाव 7-20 अगस्त के बीच होंगे।
ब्लॉक कमेटियों के चुनाव 21 अगस्त से चार सितंबर के बीच कराए जाएंगे। जिला कमेटियों के चुनाव 5-15 सितंबर तक होंगे। उसके बाद प्रदेश कमेटी, एआईसीसी मेंबरों और सीडब्ल्यूसी मेंबरों केचुनाव कराए जाएंगे।
ब्लॉक कमेटियों के चुनाव 21 अगस्त से चार सितंबर के बीच कराए जाएंगे। जिला कमेटियों के चुनाव 5-15 सितंबर तक होंगे। उसके बाद प्रदेश कमेटी, एआईसीसी मेंबरों और सीडब्ल्यूसी मेंबरों केचुनाव कराए जाएंगे।