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48 साल बाद शिक्षा बोर्ड ने बदला पास फार्मूला, ऐसा करने के लिए पंजाब बना देश का पहला राज्य
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 14 May 2017 09:30 AM IST
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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का बड़ा कदम
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने करीब 48 साल बाद अपने पास फार्मूले में बदलाव किया है। इस साल गत वर्षों की तरह ग्रेस अंक विद्यार्थियों को नहीं दिए गए हैं। यह पहला मौका है जब यह कार्रवाई बोर्ड ने की है। यह जानकारी बोर्ड के चेयरमैन बलबीर सिंह ढोल ने दी है। उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली में सभी बोर्डों के चेयरमैनों की मीटिंग हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि इस बार बोर्ड ग्रेस अंक नहीं दिए जाएंगे।
बाकायदा मार्क्स मॉडरेशन पालिसी तैयार की गई थी। इसकी नोटिफिकेशन 10 मई को हुई। इसके बाद देश में पंजाब पहला बोर्ड बन गया है, जिसने यह पॉलिसी अपनाई है। सीबीएसई समेत अन्य बोर्ड भी आने वाले 10 में इस पॉलिसी को अपनाएंगे।
बोर्ड के चेयरमैन बलबीर सिंह ढोल ने बताया 1969 के बाद यह पहला मौका है जब ग्रेस अंक नहीं दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रेस अंक विद्यार्थियों को दिए जाने से एक तो बोर्ड के रिजल्ट का स्तर भी बढ़ जाता है। दूसरा विद्यार्थियों के साथ भी खिलवाड़ होता है। वह ऐसे में गलत स्ट्रीम चुन लेता है। बाद में उसे इसके लिए ही पछतावा करना पड़ता है।
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बाकायदा मार्क्स मॉडरेशन पालिसी तैयार की गई थी। इसकी नोटिफिकेशन 10 मई को हुई। इसके बाद देश में पंजाब पहला बोर्ड बन गया है, जिसने यह पॉलिसी अपनाई है। सीबीएसई समेत अन्य बोर्ड भी आने वाले 10 में इस पॉलिसी को अपनाएंगे।
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बोर्ड के चेयरमैन बलबीर सिंह ढोल ने बताया 1969 के बाद यह पहला मौका है जब ग्रेस अंक नहीं दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रेस अंक विद्यार्थियों को दिए जाने से एक तो बोर्ड के रिजल्ट का स्तर भी बढ़ जाता है। दूसरा विद्यार्थियों के साथ भी खिलवाड़ होता है। वह ऐसे में गलत स्ट्रीम चुन लेता है। बाद में उसे इसके लिए ही पछतावा करना पड़ता है।
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फैसले से होगा अब ये बड़ा असर
ग्रेस अंक हुए कम
- फोटो : file photo
बोर्ड के चेयरमैन बलबीर सिंह ढोल ने बताया कि इस तरह कंटीन्यूस कप्रेहेंसिव इवेल्यूएशन (सीसीई) सिस्टम के तहत 12वीं में 30 अंक दिए जाते थे। उसमें इस बार कटौती करके 10 नंबर कर दिए गए हैं। अगले साल से मैट्रिक में भी इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि उनकी कोशिश यही है विद्यार्थियों को इतना काबिल बनाया जा सके कि वह जीवन में बढ़िया तरीके से आगे बढ़ पाए। जहां तक रिजल्ट का स्तर गिरने की बात है तो वह भी अपने आप ही बढ़ जाएगा।
देश के टॉप टेन बोर्ड में पीएसईबी
बोर्ड के चेयरमैन डॉ. दलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड देश के टॉप टेन बोर्डों में शामिल हो गया है। हाल ही में दिल्ली की एक नामी संस्था ने इस संबंध में सर्वे किया था। संस्था ने इस संबंध में जानकारी उन्हें भेज दी है। हालांकि वह व्यस्त होने के कारण अवार्ड लेने के लिए दिल्ली नहीं जा पाए है।
देश के टॉप टेन बोर्ड में पीएसईबी
बोर्ड के चेयरमैन डॉ. दलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड देश के टॉप टेन बोर्डों में शामिल हो गया है। हाल ही में दिल्ली की एक नामी संस्था ने इस संबंध में सर्वे किया था। संस्था ने इस संबंध में जानकारी उन्हें भेज दी है। हालांकि वह व्यस्त होने के कारण अवार्ड लेने के लिए दिल्ली नहीं जा पाए है।