पंजाब चुनाव का जबरदस्त क्रेज, विदेशों से पंजाब पहुंचने लगे एनआरआई
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पंजाब में विधानसभा का बिगुल बज चुका है और इस बार फिर से पंजाब के चुनावों में एनआरआई की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है। एनआरआई विदेशों से पंजाब पहुंचने शुरू हो गए हैं।
पंजाब का दोआबा एनआरआई का गढ़ है और उनका 34 सीटों पर खासा प्रभाव है। जहां 25 फीसदी के आसपास फंडिंग एनआरआई द्वारा की जा रही है, एनआरआई अपने मनचाहे उम्मीदवारों को जिताने के लिए यूरोप से लेकर गांव तक जोर लगा रहे हैं।
एनआरआई चुनाव से 3-4 माह पहले आकर यहां डेरे जमा लेते थे लेकिन इस बार नोटबंदी के कारण एनआरआई लेट हो गए हैं। पंजाब में एनआरआई वोटर्स की संख्या 194 है।
2012 में ये संख्या 136 थी। चुनावों की तिथि की घोषणा होते ही एनआरआईज ने फ्लाइट्स बुक करवानी शुरू कर दी हैं।
पंजाब अपनी धरती है
अमेरिका में परिवार सहित शिफ्ट हुई मंजीत कौर संघा का कहना है कि पंजाब अपनी धरती है, इसलिए 15 जनवरी को वह जालंधर पहुंच जाएगी। फगवाड़ा के एनआरआई जसपाल सिंह ढेसी ग्रेवशेम यूके से आठ जनवरी को पहुंच गए हैं और उन्होंने प्रचार शुरू कर दिया है।
टिकटों को लेकर भी रहा क्रेज
टिकटों को लेकर भी रहा क्रेज
पंजाब के चुनावों में एनआरआई सक्रिय भूमिका निभाने के लिए क्रेजी रहते हैं। हाल ही में शिअद की टिकट पर यूके के रहने वाले जसपाल सिंह ढेसी ने दावा ठोका था और उसकी टिकट पर शिअद प्रधान की मोहर भी लग गई थी लेकिन बाद में टिकट काट दी गई।
वहीं आप की टिकट के लिए इस बार तो दावेदारों में होड़ मची रही। कपूरथला से तो आप की टिकट जर्मन के रहने वाले एनआरआई सुखवंत सिंह पड्डा को दे दी गई। वे 2011 में कांग्रेस की टिकट के प्रबल दावेदार थे लेकिन अब वह आप की टिकट लेने में कामयाब हो गए हैं। होशियारपुर से एनआरआई वरिंदर परहार आप की टिकट मांग रहे थे।
नकोदर से एनआरआई जगतार सिंहग संघेड़ा को टिकट दिया गया था, वह भी एनआरआई हैं। बाद में संघेड़ा का टिकट काटकर हेयर को दे दिया गया। टांडा से एनआरआई अमेरिकन सिटीजन मंजीत सिंह दसूहा टिकट के दावेदार हैं।
उन्होंने अमेरिका नागरिकता छोड़ दी है और टिकट की दावेदारी जता दी है। कांग्रेस नेत्री सतिंदर बिट्टी भी एनआरआई हैं, उसके पति यूएसए सिटीजन है। वह भी टिकट मांग रही हैं।
सोशल मीडिया का सहारा
दिल्ली की तर्ज पर ही आप ने पंजाब में एनआरआई समर्थकों को पंजाब में आकर चुनावों में प्रचार की कमान संभालने को कहा है। आप ने अलग-अलग देशों जैसे कनाडा, अमेरिका, लंदन और आस्ट्रेलिया में बसे अपने करीब 20 हजार से ज्यादा समर्थकों को वोट जुटाने के लिए प्रेरित किया है। डिजिटल माध्यमों के साथ आप कार्यकर्ता विदेशों में बसे एनआरआई को अपने साथ जोड़ रहे हैं।
कैप्टन, सुखबीर, केजरीवाल और गुरप्रीत घुग्गी कर चुके हैं विदेशों में दौरे
पंजाब के चुनावों में एनआरआईज की अहम भूमिका को देखते हुए उनको पंजाब में आने का न्यौता देने के लिए पीपीसीसी प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह, शिअद प्रधान सुखबीर बादल व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल विदेशों के दौरे कर चुके हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी टीम के साथ अमेरिका गए और वहां पर प्रचार किया था। इसके बाद पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री परनीत कौर के अलावा पंजाब कांग्रेस प्रभारी आशा कुमारी भी विदेश गई और वहां पर जाकर प्रचार किया।
सीएम अरविंद केजरीवाल भी छह सितंबर को रोम की यात्रा पर गए। वहीं शिअद के मंत्री तोता सिंह, सुरजीत सिंह रखड़ा ने भी विदेशों में जाकर एनआरआईज पर खूब डोरे डाले और उनको शिअद की मुहिम शुरू करने के लिए प्रेरित किया।