पंजाब कांग्रेस की कलह: अब सिद्धू पर भड़के सांसद बिट्टू, कहा-अब उनके पास कुछ बचा नहीं है
पंजाब कांग्रेस संकट के दौर से गुजर रही है। पंजाब के नेताओं की दिल्ली में लगातार पेशी हो रही है लेकिन कैप्टन और सिद्धू के बीच का मतभेद जस का तस है। अब पार्टी नेताओं की नजरें मंगलवार को सोनिया गांधी के साथ अमरिंदर सिंह की मुलाकात पर टिकीं हैं।
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पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच तनातनी चल रही है। मंगलवार को इसी मुद्दे पर कैप्टन कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचे। वहीं पंजाब कांग्रेस के नेताओं के बीच अब जुबानी जंग तेज हो गई है। मंगलवार को सिद्धू के सरकार के खिलाफ लगातार ट्वीट किए जाने से कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू भड़क गए। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सिद्धू एक जाना-माना चेहरा है, लेकिन अब उनके पास कुछ बचा नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के खिलाफ बोलना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है, ऐसे लोगों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।
Sidhu is a famous face. He has met high command several times, whenever he wanted. Now when you (Sidhu) have addressed your point to high command then what is left. We should wait for a response. But damaging our own party is not good: Congress MP Ravneet Singh Bittu pic.twitter.com/iKf4QrieEu
— ANI (@ANI) July 6, 2021विज्ञापन
रवनीत बिट्टू ने कहा कि सिद्धू पार्टी आलाकमान से कई बार मिल चुके हैं। अब जब उन्होंने हाईकमान को अपनी बात कह दी है तो अब उनके पास कुछ बचा नहीं है। बस अब आलाकमान की प्रतिक्रिया का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने सिद्धू को सीख देते हुए कहा कि अपनी ही पार्टी को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं है। पार्टी में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे मैं हो या कोई भी। कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि जिन्हें पार्टी पसंद नहीं है वे छोड़ सकते हैं।
फिर बिगड़े सिद्धू के बोल
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दिल्ली पहुंचने से ठीक पहले नवजोत सिंह सिद्धू के फिर से कैप्टन को लेकर बोल बिगड़ गए। उन्होंने पीपीए को लेकर एक के बाद एक ट्वीट कर फिर से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि मुफ्त बिजली के खोखले वादों का कोई मतलब नहीं है जब तक कि पंजाब विधानसभा में नए विधान के जरिए पीपीए को रद्द नहीं किया जाता है। उन्होंने लिखा कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली केवल एक कल्पना है, जब तक पीपीए में दोषपूर्ण खंडों से बंधा हुआ है।