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हत्यारे न तलाश पाई तो पुलिस ने शुरू किया नया खेल, आप कहेंगे- मजाक न उड़ाओ
विकास मल्होत्रा/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:33 PM IST
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पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा
- फोटो : फाइल फोटो
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धर्म गुरुओं और धर्म प्रचारकों की हत्या के मामलों को ट्रेस कर पाने में नाकाम पुलिस ने अब नया खेल शुरू कर दिया है, जो मजाक उड़ाने वाला है। दरअसल, पंजाब के लुधियाना में धर्म गुरुओं और धर्म प्रचारकों की हत्या के मामलों को ट्रेस कर पाने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
अपनी इस नाकामी को छिपाने के लिए पुलिस ने नौकरी और पांच लाख रुपये बांटने की नई रीत शुरू कर दी है। 23 अप्रैल 2016 को खन्ना में शिवसेना पंजाब के प्रचारक दुर्गा गुप्ता को दो बाइक सवारों ने बाजार में सरेआम गोली मार दी। आरोपी गुप्ता को मारने के बाद आसानी से फरार हो गए। इस मामले में हिंदू संगठनों और जत्थेबंदियों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया।
खन्ना में धरने लगाए गए और पुलिस तंत्र को खूब कोसा गया। जब पुलिस हत्यारों तक पहुंचने में फेल साबित हुई तो पुलिस ने दुर्गा गुप्ता की पत्नी को पुलिस में नौकरी और परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दे दी। इसके बाद इस हत्याकांड की फाइल पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दी। सवा साल बीतने के बावजूद दुर्गा गुप्ता के हत्यारों का कोई अता पता नहीं है।
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अपनी इस नाकामी को छिपाने के लिए पुलिस ने नौकरी और पांच लाख रुपये बांटने की नई रीत शुरू कर दी है। 23 अप्रैल 2016 को खन्ना में शिवसेना पंजाब के प्रचारक दुर्गा गुप्ता को दो बाइक सवारों ने बाजार में सरेआम गोली मार दी। आरोपी गुप्ता को मारने के बाद आसानी से फरार हो गए। इस मामले में हिंदू संगठनों और जत्थेबंदियों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया।
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खन्ना में धरने लगाए गए और पुलिस तंत्र को खूब कोसा गया। जब पुलिस हत्यारों तक पहुंचने में फेल साबित हुई तो पुलिस ने दुर्गा गुप्ता की पत्नी को पुलिस में नौकरी और परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दे दी। इसके बाद इस हत्याकांड की फाइल पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दी। सवा साल बीतने के बावजूद दुर्गा गुप्ता के हत्यारों का कोई अता पता नहीं है।
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जनवरी 2017 में अमित शर्मा की हत्या की गई
डायरेक्टर जनरल ऑफ पंजाब पुलिस सुरेश अरोड़ा
14 जनवरी 2017 को हिंदू प्रचारक पर दूसरा हमला हुआ। जगरांव पुल पर हिंदू तख्त के प्रचारक अमित शर्मा को दो बाइक सवारों ने सरेआम गोलियों से भून डाला। विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिस फोर्स के सख्त पहरे के बावजूद अमित शर्मा की हत्या कर आरोपी आसानी से फरार हो गए। इस मामले में हिंदू जत्थेबंदियों ने पुलिस का विरोध किया। धरने प्रदर्शन किए गए। सीबीआई को केस देने की मांग की गई।
बाद में अमित शर्मा के अंतिम भोग के दौरान पुलिस ने उनकी बीवी और बहन को पुलिस में नौकरी दे दी और परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद दे दी गई। इसके बाद यह केस भी दुर्गा गुप्ता केस की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 15 जुलाई को पीरुबंदा मोहल्ले में पादरी सुल्तान मसीह हत्याकांड में भी पुलिस प्रशासन फेल हो गया। इस हत्याकांड के विरोध में मसीह भाईचारे ने काफी उग्र प्रदर्शन किया था।
तीन घंटे तक जालंधर बाईपास जाम रखा गया। मसीह भाईचारे की पहली मांग हत्यारों को गिरफ्तार कर फांसी देने की थी। आरोपियों को पकड़ने में नाकाम पुलिस ने इस बार भी पादरी के बेटे को पुलिस में नौकरी और परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग देने का ऐलान कर दिया। इस केस में भी अभी तक पुलिस का दावा है कि उनकी विशेष जांच टीम लगातार काम कर रही है, लेकिन पांच दिन बीतने के बावजूद इस केस में पुलिस के हाथ खाली है।
मृतकों के परिवार वालों को नौकरी और मुआवजा देने के बाद केस बंद नहीं किए गए हैं। सभी मामले पुलिस के लिए काफी महत्वपूर्ण है। टीमें सभी मामलों में जांच करने में लगी है। जल्द ही सभी मामलों को हल कर लिया जाएगा।
- सुरेश अरोड़ा, डीजीपी, पंजाब
बाद में अमित शर्मा के अंतिम भोग के दौरान पुलिस ने उनकी बीवी और बहन को पुलिस में नौकरी दे दी और परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद दे दी गई। इसके बाद यह केस भी दुर्गा गुप्ता केस की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 15 जुलाई को पीरुबंदा मोहल्ले में पादरी सुल्तान मसीह हत्याकांड में भी पुलिस प्रशासन फेल हो गया। इस हत्याकांड के विरोध में मसीह भाईचारे ने काफी उग्र प्रदर्शन किया था।
तीन घंटे तक जालंधर बाईपास जाम रखा गया। मसीह भाईचारे की पहली मांग हत्यारों को गिरफ्तार कर फांसी देने की थी। आरोपियों को पकड़ने में नाकाम पुलिस ने इस बार भी पादरी के बेटे को पुलिस में नौकरी और परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग देने का ऐलान कर दिया। इस केस में भी अभी तक पुलिस का दावा है कि उनकी विशेष जांच टीम लगातार काम कर रही है, लेकिन पांच दिन बीतने के बावजूद इस केस में पुलिस के हाथ खाली है।
मृतकों के परिवार वालों को नौकरी और मुआवजा देने के बाद केस बंद नहीं किए गए हैं। सभी मामले पुलिस के लिए काफी महत्वपूर्ण है। टीमें सभी मामलों में जांच करने में लगी है। जल्द ही सभी मामलों को हल कर लिया जाएगा।
- सुरेश अरोड़ा, डीजीपी, पंजाब