पंजाब : अब कैप्टन मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी, अहम रहेगा चुनाव-पूर्व परिवर्तन
- डिप्टी सीएम पद पर काबिज हो सकता है हिंदू चेहरा
- सिद्धू खेमे के मंत्रियों पर फेरबदल के दौरान रहेगी नजर, कट सकता है पत्ता
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विस्तार
पंजाब कांग्रेस का प्रधान बदलने के बाद अब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी कर रहे हैं। चुनाव से पूर्व होने वाले इस फेरबदल को अहम माना जा रहा है। जातिगत समीकरण को साधने के लिए कैप्टन उपमुख्यमंत्री के रूप में किसी हिंदू चेहरे को शामिल कर सकते हैं। इस फेरबदल में राजकुमार वेरका और केपी राणा के साथ कुछ नए चेहरे लाने की कैप्टन ने पूरी योजना बना ली है। कैप्टन के करीबियों ने अमर उजाला से इस बात की पुष्टि की है। ऐसे में सिद्धू का खुल कर साथ दे रहे मंत्रियों का पत्ता भी कट सकता है। पंजाब में जातिगत समीकरण को साधने के लिए कैप्टन अपना खेमा बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
कैबिनेट विस्तार के जरिए मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव के रूप में शामिल किए जाने वाला हिंदू उपमुख्यमंत्री के पीछे की वजह को हिंदू वोट प्रतिशत को माना जा रहा है। राज्य में पहले नंबर पर आने वाले सिख वोट का प्रतिशत 57.75 और बाद दूसरे नंबर पर हिंदू का 38.49 प्रतिशत है। उपमुख्यमंत्री पद के लिए कैप्टन बड़े चेहरे की तलाश कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार हिंदू का यह बड़ा चेहरा होगा। साथ ही तीसरे नंबर पर आने वाले दलित वोटरों के 31.94 प्रतिशत को साधने के लिए कैप्टन कैबिनेट मंत्रियों के रूप में राजकुमार वेरका और केपी राणा को शामिल कर सकते हैं।
सिद्धू और कैप्टन के बीच चल रहे शीत युद्ध के बीच वेरका अपने बयानों से कैप्टन की तारीफों के पुल बांध रहे हैं। केपी राणा भी सिद्धू खेमे से अलग ही दिखाई दे रहे हैं। कैप्टन खेमे के अनुसार कांग्रेस हाईकमान के प्रदेश प्रधान पर जातिगत समीकरणों को दरकिनार किए जाने के फैसले से हुए पार्टी को नुकसान की भरपाई मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल विस्तार में करते हुए नजर आएंगे।
सिंगला हो सकते हैं हिंदू चेहरा
कैप्टन विस्तार में बनाए जाने वाले हिंदू उप मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे है। सिंगला को इससे पहले कैप्टन संगठन में प्रदेश प्रधान बनवाकर जातिगत समीकरण को साधना चाहते थे, लेकिन आलाकमान के फैसले के बाद वह ऐसा नहीं कर पाए। सिंगला की पैरवी चंडीगढ़ के कांग्रेस पार्टी के कुछ बड़े चेहरों ने भी कैप्टन से की है।
पीके ने खींचा है खाका
विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले कैप्टन के कैबिनेट विस्तार का पूरा खाका पीके द्वारा खींचा गया है। कैप्टन खेमे के अनुसार मार्च में कैप्टन के प्रमुख सलाहकार बनने के बाद से ही पीके ने इस पर काम करना शुरू कर दिया था। सिद्धू के प्रदेश प्रधान बनने से कुछ बदलाव जरूर किए गए हैं, जिन पर अब अमल होना शुरू हो जाएगा।
दिल्ली नहीं देगा कैबिनेट फेरबदल में दखल
नवजोत सिंह सिद्धू को प्रधान बनाए जाने का विरोध करने पर आलाकमान ने कैप्टन को मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर फ्री हैंड किया हुआ है। इसके बाद कैप्टन के मंत्रिमंडल में किए जाने पर वाले फेरबदल में नए प्रधान का हस्तक्षेप कम ही होगा। हालांकि सिद्धू के तेवरों से कैप्टन को मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल में मुश्किलें खड़ी होती हुई दिख रही हैं।