पंजाब पुलिस अपने कर्मियों की कराएगी 'सख्त जासूसी', वजह जान आप भी कहेंगे सही है
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पंजाब पुलिस अपने कर्मचारियों का आचरण सुधारने की मुहिम में जुट गया है। विभाग ने अंदरखाते ऐसे कर्मचारियों पर नजर रखनी शुरु कर दी है, जो भ्रष्ट आचरण, आम लोगों से रिश्वत मांगने और दुर्व्यवहार करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक कर्मचारी पर नजर रखने के लिए दूसरे कर्मचारी को जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस के जवान एक-दूसरे पर नजर रखेंगे।
बता दें कि वर्ष 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के गठन के साथ ही नशे के खिलाफ शुरू की गई मुहिम ने राज्य के पुलिसकर्मियों को भी राडार पर ले लिया था। पुलिस विभाग ने अपने कर्मचारियों की जासूसी कर दागी कर्मचारियों की सूची भी तैयार कर ली लेकिन अब तक उस सूची पर कार्रवाई नहीं हुई है।
उस समय नशे के खिलाफ गठित एसआईटी ने अपनी जांच के दौरान कई पुलिस अफसरों और कर्मचारियों के नशे के कारोबार से जुड़े होने के संगीन खुलासे किए थे। इसके बाद से ही पुलिसवालों पर कड़ी नजर रखी जाने लगी थी।
इस बीच अब विभाग ने भ्रष्ट आचरण और आम लोगों से दुर्व्यवहार करने वाले अपने पुलिसवालों को राडार पर ले लिया है। इन पुलिसवालों पर नजर रखी जा रही है और अधिकारियों का कहना है कि दोषी को लाइन हाजिर जैसी सजा से गुजरना पड़ सकता है।
बता दें कि पंजाब पुलिस ने कई बार अपनी छवि को सुधारने का अभियान चलाया। हालांकि इन अभियानों का लोगों पर खास असर नहीं हुआ। हाल ही में पुलिस विभाग ने खुद को सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों से जोड़ने की योजना पर काम शुरु किया लेकिन विभाग को इसमें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
अधिकारियों का कहना है कि आम लोग पुलिसवालों के रूखे बर्ताव के कारण थानों में आने से भी डरते हैं। यह पुलिस की छवि के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने बताया कि लोगों से खराब बर्ताव करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही है और ऐसे कर्मियों को न सिर्फ थानों से हटाया जाएगा बल्कि लाइन हाजिर भी किया जाएगा।
डीजीपी दिनकर गुप्ता का कहना है कि पुलिस मुलाजिमों का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि आम लोग उन्हें अपने हितैषी के रूप में महसूस करें और बेझिझक थानों में पहुंचकर अपनी समस्याएं बताएं। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को पीपुल्स फ्रेंडली होना ही पड़ेगा, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।