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पंजाब पुलिस को मिली बड़ी सफलता, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के दो आतंकी गिरफ्तार
Sun, 04 Oct 2020 03:38 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 04 Oct 2020 03:38 PM IST
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आतंकियों से बरामद हथियार।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब पुलिस ने रविवार को दो आतंकियों मक्खन सिंह गिल उर्फ अमली और दविंदर सिंह उर्फ हैप्पी को गिरफ्तार करके खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। दोनों आरोपी होशियारपुर के गांव नूरपुर जट्टां के रहने वाले हैं।
आरोपियों से एक एमपी 5 सब-मशीनगन, उसकी दो मैगजीन और 30 कारतूस, 9 एमएम पिस्टल के साथ दो मैगजीन और 30 कारतूस बरामद हुई हैं। इसके अलावा एक कार, 4 मोबाइल फोन, एक इंटरनेट डोंगल भी बरामद किया गया है। अमली के खिलाफ पहले से 7 मामले दर्ज हैं।
डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, मक्खन उर्फ अमली ने खुलासा किया कि वह कनाडा निवासी हरप्रीत सिंह के संपर्क में था, जिसने उसे पंजाब में एक आतंकी मॉड्यूल बनाने के लिए उकसाया था। अमली पहले बीकेआई प्रमुख वधावा सिंह का करीबी सहयोगी रह चुका है और कनाडा स्थित केजेडएफ के ऑपरेटिव हरप्रीत सिंह के लगातार संपर्क में था। हरप्रीत पाकिस्तान जाता रहता है और वह पाक के केजेडएफ प्रमुख रणजीत सिंह उर्फ नीटा का करीबी सहयोगी है।
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पुलिस के मुताबिक अमली ने बताया कि हथियार और गोला-बारूद की व्यवस्था रणजीत नीटा ने अपने अज्ञात सहयोगियों के माध्यम से की थी। आशंका है कि इस आतंकी मॉड्यूल में जर्मनी और अमेरिका से संबंधित कुछ आतंकी अलग-अलग मनी ट्रांसफर सेवाओं के माध्यम से विदेश से अमली को धन हस्तांतरित करने में शामिल थे।
पाक में प्रशिक्षित मक्खन है हार्डकोर आतंकी मक्खन
डीजीपी ने खुलासा किया कि मक्खन सिंह एक कट्टर खालिस्तान समर्थक आतंकवादी है, जिसे पहले पंजाब पुलिस ने भारत में हथियारों की तस्करी समेत कई अपराधों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अमली को पाकिस्तान में प्रशिक्षित किया गया था और वह इससे पहले 1980 और 1990 के दशक में यूएसए में भी रह चुका है। वह पाक स्थित बब्बर खालसा के अंतरराष्ट्रीय प्रमुख वधावा सिंह का करीबी था। वह 14 साल से अधिक समय तक पाकिस्तान में उसके साथ रहा।
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आरोपियों से एक एमपी 5 सब-मशीनगन, उसकी दो मैगजीन और 30 कारतूस, 9 एमएम पिस्टल के साथ दो मैगजीन और 30 कारतूस बरामद हुई हैं। इसके अलावा एक कार, 4 मोबाइल फोन, एक इंटरनेट डोंगल भी बरामद किया गया है। अमली के खिलाफ पहले से 7 मामले दर्ज हैं।
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डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, मक्खन उर्फ अमली ने खुलासा किया कि वह कनाडा निवासी हरप्रीत सिंह के संपर्क में था, जिसने उसे पंजाब में एक आतंकी मॉड्यूल बनाने के लिए उकसाया था। अमली पहले बीकेआई प्रमुख वधावा सिंह का करीबी सहयोगी रह चुका है और कनाडा स्थित केजेडएफ के ऑपरेटिव हरप्रीत सिंह के लगातार संपर्क में था। हरप्रीत पाकिस्तान जाता रहता है और वह पाक के केजेडएफ प्रमुख रणजीत सिंह उर्फ नीटा का करीबी सहयोगी है।
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पुलिस के मुताबिक अमली ने बताया कि हथियार और गोला-बारूद की व्यवस्था रणजीत नीटा ने अपने अज्ञात सहयोगियों के माध्यम से की थी। आशंका है कि इस आतंकी मॉड्यूल में जर्मनी और अमेरिका से संबंधित कुछ आतंकी अलग-अलग मनी ट्रांसफर सेवाओं के माध्यम से विदेश से अमली को धन हस्तांतरित करने में शामिल थे।
पाक में प्रशिक्षित मक्खन है हार्डकोर आतंकी मक्खन
डीजीपी ने खुलासा किया कि मक्खन सिंह एक कट्टर खालिस्तान समर्थक आतंकवादी है, जिसे पहले पंजाब पुलिस ने भारत में हथियारों की तस्करी समेत कई अपराधों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अमली को पाकिस्तान में प्रशिक्षित किया गया था और वह इससे पहले 1980 और 1990 के दशक में यूएसए में भी रह चुका है। वह पाक स्थित बब्बर खालसा के अंतरराष्ट्रीय प्रमुख वधावा सिंह का करीबी था। वह 14 साल से अधिक समय तक पाकिस्तान में उसके साथ रहा।
खुफिया सूचना के आधार पर लगाए नाके में पकड़े गए दोनों आतंकी
आतंकियों को दबोचने में माहिलपुर पुलिस को एक खुफिया सूचना के चलते सफलता प्राप्त हुई। पुलिस के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि पूर्व में देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहा मक्खन सिंह निवासी नूरपुर जट्टां फिर साजिश रच रहा है और वह अपने ही गांव के दविंदर सिंह की कार में गोला बारूद लेकर आ रहा है। इसके बाद माहिलपुर पुलिस ने बिस्त दोआब नहर सड़क पर नूरपुर जट्टां के पास नाकाबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कार में सवार दोनों आरोपियों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए।
टैक्सी चलाता है दविंदर
दविंदर सिंह हैप्पी के घरवालों ने बताया कि दविंदर प्राइवेट टैक्सी चलाता है और मक्खन सिंह उसे टांडा जाने के लिए गाड़ी किराये पर लेकर गया था। साथ ही उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि हैप्पी किसी देश विरोधी गतिविधि में शामिल हो सकता है। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक मक्खन सिंह गांव में तो सबके साथ मिलकर रहता था लेकिन उसने गांव के बाहर खेती के लिए जमीन ठेके पर ली हुई थी जहां अक्सर बाहर के लोग आते जाते रहते थे। वहां हर समय चार-पांच व्यक्ति बैठे ही रहते थे।
तीन साल पहले अफीम के साथ पकड़ा गया था अमली
मक्खन सिंह उर्फ अमली को 2017 में सीआई स्टाफ की टीम और एसटीएफ प्रमुख उपकप्तान सरबजीत सिंह की अगुवाई में एसआई संतोख सिंह और एएसआई अक्षयपाद गौतम ने डेढ़ किलो अफीम के साथ पकड़ कर जेल भेजा था। उस समय वह एक ऑटो में अपने गांव लौट रहा था।
टैक्सी चलाता है दविंदर
दविंदर सिंह हैप्पी के घरवालों ने बताया कि दविंदर प्राइवेट टैक्सी चलाता है और मक्खन सिंह उसे टांडा जाने के लिए गाड़ी किराये पर लेकर गया था। साथ ही उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि हैप्पी किसी देश विरोधी गतिविधि में शामिल हो सकता है। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक मक्खन सिंह गांव में तो सबके साथ मिलकर रहता था लेकिन उसने गांव के बाहर खेती के लिए जमीन ठेके पर ली हुई थी जहां अक्सर बाहर के लोग आते जाते रहते थे। वहां हर समय चार-पांच व्यक्ति बैठे ही रहते थे।
तीन साल पहले अफीम के साथ पकड़ा गया था अमली
मक्खन सिंह उर्फ अमली को 2017 में सीआई स्टाफ की टीम और एसटीएफ प्रमुख उपकप्तान सरबजीत सिंह की अगुवाई में एसआई संतोख सिंह और एएसआई अक्षयपाद गौतम ने डेढ़ किलो अफीम के साथ पकड़ कर जेल भेजा था। उस समय वह एक ऑटो में अपने गांव लौट रहा था।
मक्खन सिंह के खिलाफ 16 मई, 2010 को धारा 25, 54, 59 आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत थाना मेहटियाना में मामला दर्ज किया गया था। दूसरी एफआईआर अमृतसर में 25 जुलाई 2010 को धारा 25, 54, 59 आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज की गई थी।
18 अक्तूबर 2010 को थाना सदर, होशियारपुर में 25, 54, 59 आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के सेक्शन 4, 5 और 17, 18, 19, 20 गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत भी एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। थाना माहिलपुर में 11 जून, 2017 को एनडीपीएस अधिनियम 18, 25, 61, 85 के तहत मामला दर्ज है।
थाना माछीवाड़ा, पुलिस जिला खन्ना में उनके खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4, 5 के तहत एक अन्य प्राथमिकी भी पहले से दर्ज थी। डीजीपी ने कहा कि कुछ खालिस्तान समर्थक तत्वों ने विघटनकारी साजिश के तहत राज्य में आतंकवादी हमले शुरू करके शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की योजना बनाई थी।
इनके बारे में जानकारी के आधार पर राज्य भर में सुरक्षा बलों ने छापेमारी और जांच अभियान चलाया। इसके तहत विभिन्न आतंकवादी मॉड्यूल के सदस्यों की आवाजाही और ठिकाने का भंडाफोड़ हुआ। इस मामले में मिली सफलता भी इन ठोस प्रयासों और हाल ही में शुरू किए गए अभियान का परिणाम है।
आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 120-बी, 121, 152 आईपीसी, 25/54/59 और धारा 17, 18, 18-बी, 20 गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन अधिनियम के तहत एफआईआर थाना माहिलपुर, होशियारपुर में दर्ज की गई है।
18 अक्तूबर 2010 को थाना सदर, होशियारपुर में 25, 54, 59 आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के सेक्शन 4, 5 और 17, 18, 19, 20 गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत भी एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। थाना माहिलपुर में 11 जून, 2017 को एनडीपीएस अधिनियम 18, 25, 61, 85 के तहत मामला दर्ज है।
थाना माछीवाड़ा, पुलिस जिला खन्ना में उनके खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4, 5 के तहत एक अन्य प्राथमिकी भी पहले से दर्ज थी। डीजीपी ने कहा कि कुछ खालिस्तान समर्थक तत्वों ने विघटनकारी साजिश के तहत राज्य में आतंकवादी हमले शुरू करके शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की योजना बनाई थी।
इनके बारे में जानकारी के आधार पर राज्य भर में सुरक्षा बलों ने छापेमारी और जांच अभियान चलाया। इसके तहत विभिन्न आतंकवादी मॉड्यूल के सदस्यों की आवाजाही और ठिकाने का भंडाफोड़ हुआ। इस मामले में मिली सफलता भी इन ठोस प्रयासों और हाल ही में शुरू किए गए अभियान का परिणाम है।
आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 120-बी, 121, 152 आईपीसी, 25/54/59 और धारा 17, 18, 18-बी, 20 गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन अधिनियम के तहत एफआईआर थाना माहिलपुर, होशियारपुर में दर्ज की गई है।