कोरोना की चपेट में पंजाब पुलिस, अब तक 86 की मौत, आठ की हालत गंभीर, 1233 पॉजिटिव
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पंजाब में लोगों के साथ ही कोरोना संक्रमण से पुलिसकर्मी भी नहीं बच पा रहे हैं। कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने में अब तक 86 पुलिसकर्मियों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। आठ की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनको जीवन रक्षक प्रणाली में रखा गया है। कुल मिलाकर वर्तमान में 1233 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
सूबे में संक्रमण काल के दौरान कोरोना योद्धा के रूप में पंजाब पुलिस काम कर रही है। इनमें संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए डीजीपी दिनकर गुप्ता ने जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर कोविड-19 टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे। टेस्ट कराने पर 3803 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
इसके बाद इलाज के दौरान 2186 पुलिस कर्मचारी पूरी तरह से ठीक हो गए थे। इस समय 1233 अधिकारी, कर्मचारी पॉजिटिव हैं, जिनका राज्य के विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। 86 पुलिसकर्मियों की अब तक मौत हो चुकी है। सितंबर में ही 18 पुलिस कर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है।
साथियों को दे रहे प्लाज्मा
कोरोना संक्रमण से ठीक हुए पुलिसकर्मी अन्य संक्रमित साथियों की मदद को आगे आए हैं। वह अपने साथियों के लिए प्लाज्मा का दान दे रहे हैं। संक्रमण से ठीक हुए 20 से अधिक पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों ने अपनी मर्जी से प्लाज्मा दान किया है। इसके अतिरिक्त 100 से अधिक अन्य लोगों ने भी समाज की भलाई के लिए ऐसा करने की पेशकश की है।
पंजाब पुलिस कोरोना योद्धा बनकर लोगों की मदद कर रही है। सूबे के मुख्यमंत्री ने भी पुलिस को हर संभव मदद देने का एलान किया है। उन्हीं के प्रयासों से कोरोना से मृतक पुलिसकर्मियों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। - दिनकर गुप्ता, डीजीपी, पंजाब
एक लाख वॉलंटियर कर रहे पंजाब को सजग
कोरोना संक्रमण के दायरे को तोड़ने के लिए सरकार की तरफ से एक लाख वॉलंटियर पंजाब के लोगों को सजग करने का कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा अब तक 9355 गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा चुका है।
पंजाब के खेल और युवा सेवाएं संबंधी मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने बताया कि इस मुहिम में राज्य भर के 4488 यूथ क्लबों, एनएसएस इकाइयों और रेड रिबन क्लबों ने भाग लिया। इन्होंने लोगों को जागरूक करने और इस बीमारी के लक्षण होने पर सरकारी अस्पतालों में जाकर टेस्ट करवाने के लिए प्रेरित किया।
इन क्लबों और इकाइयों के 90962 वॉलंटियरों ने इस जागरूकता मुहिम को मानवता की सच्ची सेवा के एक मिशन के तौर पर चलाया और लोगों को सामाजिक दूरी अपनाने, मास्क पहनने और हाथ धोने या सैनिटाइज करने के लिए जागरूक किया। इसके अंतर्गत वॉलंटियरों की तरफ से लोगों को पुस्तकें और पोस्टर बांटे गए और स्वास्थ्य विभाग के कोरोना से निपटने के लिए के दिशा-निर्देशों संबंधी अवगत करवाया गया।