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पंजाब : लुधियाना में अकाली दल ने किया विरोध-प्रदर्शन, मंत्री आशु का आवास घेरा
Wed, 04 Nov 2020 01:22 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 04 Nov 2020 01:22 PM IST
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लुधियाना में अकाली दल का प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ बुधवार अकाली दल ने हल्ला बोला। सीनियर अकाली नेता विक्रमजीत सिंह मजीठिया की अगुवाई में वर्करों ने मंत्री आशु के घर और दफ्तर का घेराव किया। इस धरने में मजीठिया ने कहा कि सत्ता में आने पर आशु और धर्मसोत के खिलाफ वह जांच करवाएंगे। उन्होंने कहा कि मंत्री आशु से विवाद के बाद जिस डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों को निलंबित किया गया था, उसे बहाल कर दोबारा जांच कराएंगे। धरने के बाद जैसे ही मजीठिया मंत्री आशु के घर की तरफ जाने लगे उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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विक्रमजीत सिंह मजीठिया ने संबोधन में कहा कि नगर निगम लुधियाना में तैनात डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों ने मंत्री आशु के सभी राज खोल दिए थे। हालांकि यह जांच उन्हें उस समय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने दी थी। सिद्धू चाहे डीएसपी का साथ देने की जगह पीछे हट गए लेकिन सत्ता में आने पर अकाली दल डीएसपी सेखों को बहाल कर दोबारा इसकी जांच करवाएगा।
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लॉकडाउन के दौरान गरीबों को अनाज बांटने की जगह मंत्रियों के चहेतों ने अपनों को खुश किया है, इन छह माह के दौरान अनाज को बेच करोड़ों की कमाई की गई है। जिनके पास कुछ नहीं था, आज करोड़ों के मालिक बन गए। सत्ता में आने के बाद हर किसी से हिसाब लिया जाएगा।
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मंत्री आशु को आड़े हाथ लेते हुए मजीठिया ने कहा कि इस समय मंत्री पद का नशा उनके सिर चढ़कर बोल रहा है। दाखा विधानसभा चुनाव में इसी मंत्री ने एक गुरसिख कांग्रेसी वर्कर की पगड़ी को उतारा था। मजीठिया ने मंत्री आशु के खिलाफ साल 1992 के मामले को लेकर हमला किया।
उन्होंने कहा कि उस समय बम बनते थे, एके 47 राइफल इधर उसे उधर होती थी। यहां तक आतंकवादियों को गुड़ मंडी जैसे भीड़ भाड़ एरिया में बम चलाने की सलाह भी देते थे। पंजाब में शांति की बात करने वाले किस तरह माहौल बिगाड़ने में जुटे हैं। ऐसे मामलों को सरकार दोबारा क्यों नहीं खोलकर जांच करती है।