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Punjab News: 31 मार्च तक आएगी नई कृषि नीति 'मिशन उन्नत किसान', फसल विविधता और आमदनी बढ़ाने पर फोकस

Fri, 17 Mar 2023 09:05 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 17 Mar 2023 09:05 PM IST
सार

कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल का कहना है कि कृषि विशेषज्ञों और किसान संगठनों के सुझाव लेकर कृषि नीति का मसौदा तैयार किया गया है ताकि किसानों का लाभ बढ़ सके। नई नीति के तहत किसानों को दो फसलों के बीच के खाली समय में एक अतिरिक्त फसल हासिल करने में सरकार सहयोग करेगी।

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Punjab new agricultural policy will be ready by March 31
मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल (मध्य में) - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

पंजाब की नई कृषि नीति 31 मार्च तक तैयार हो जाएगी। नीति के मसौदे को अंतिम रूप देने का काम शुरू हो गया है। इस संबंध में गठित 11 सदस्यीय कमेटी लगातार मिल रहे सुझावों को उचित पाए जाने पर मसौदे में शामिल कर रही है। कृषि विभाग के अनुसार, 'मिशन उन्नत किसान' के नाम से तैयार की जा रही नई कृषि नीति में किसानों की लागत कम करने और आमदनी बढ़ाने के विकल्प मुहैया कराने पर जोर दिया जा रहा है।

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नई कृषि नीति के मसौदे की प्रमुख बातों में राज्य के भूजल, मिट्टी की सेहत और भौगोलिक हालात को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में फसली विविधता को प्रोत्साहित करना है, ताकि किसान अपने खेतों से अधिक से अधिक पैदावार ले सकें। इसके साथ ही कृषि उत्पादों के मंडीकरण और निर्यात का ढांचा तैयार करने की भी योजना है। मंडीकरण और निर्यात की योजना के तहत ही सूबे के बासमती चावल के निर्यात में निजी कंपनियों के साथ-साथ कृषि विभाग खुद भी जिम्मेदारी संभालेगा।
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कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल का कहना है कि कृषि विशेषज्ञों और किसान संगठनों के सुझाव लेकर कृषि नीति का मसौदा तैयार किया गया है ताकि किसानों का लाभ बढ़ सके। नई नीति के तहत किसानों को दो फसलों के बीच के खाली समय में एक अतिरिक्त फसल हासिल करने में सरकार सहयोग करेगी। किसानों को कृषि के लिए छोटी मशीनरी खरीदने में मदद की व्यवस्था भी नई नीति का हिस्सा होगी। इसके अलावा असली बीज, खाद व कीटनाशकों की ही राज्य में बिक्री हो, इसके लिए सख्त नियम भी बनाए जाएंगे।
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ट्यूबवेल सोलर से जोड़ें तो 8000 करोड़ की बचत
उधर, पंजाब विधानसभा की कृषि व इससे जुड़ी गतिविधियों संबंधी कमेटी ने चालू सत्र के दौरान वर्ष 2022-23 की अपनी पहली रिपोर्ट सौंपते हुए, नई कृषि नीति के मसौदे को अंतिम रूप दे रही कमेटी के सामने अपने सुझाव भी रखे हैं। कमेटी ने सुझाव दिया है कि अगर राज्य में कृषि ट्यूबवेलों को सोलर पावर से चलाने की व्यवस्था कर दी जाए तो हर साल करीब 8000 करोड़ रुपये की बचत होगी और इन ट्यूबवेलों के सोलर सिस्टम को ग्रिड से जोड़ा जाए ताकि जब ट्यूबवेल का इस्तेमाल न हो तो किसान सोलर पावर को ग्रिड को बेचकर आमदनी करें। 


कमेटी ने कृषि विभाग और पीएयू के बीच तालमेल बढ़ाने का सुझाव देते हुए कहा कि इस तरह दोनों विभाग मिलकर किसानों को प्रशिक्षित और जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कमेटी ने कृषि उपज के अलावा पशुओं का बीमा करने, कृषि कार्यों के दौरान होने वाले हादसों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाकर- मृत्यु होने पर पांच लाख और दिव्यांगता पर 2.5 लाख करने का सुझाव दिया है।

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