Punjab Municipal Election 2021: आप और शिअद ने कांग्रेस को घेरा, निकाय चुनाव में बूथ कैप्चरिंग और हिंसा का लगाया आरोप
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आम आदमी पार्टी (आप) ने निकाय चुनाव के दौरान राज्य में कई जगह कार्यकर्ताओं पर हमला करने और पोलिंग बूथों पर कब्जा करने का कांग्रेस पर आरोप लगाया। विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र के पर्व के दिन पूरे पंजाब में कैप्टन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की हत्या की।
कैप्टन अपने वादों को पूरा करने में विफल रहे तो अब वे चुनाव के दिन लोकतंत्र की हत्या करते हुए अपने गुंडों से आप कार्यकर्ताओं पर हमला करवा रहे हैं और बूथ लुटवाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी कांग्रेस के साथ समझौता कर ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करने के बजाय कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं, उनसे 2022 में आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद सख्ती से निपटा जाएगा।
चीमा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी का एहसास करते हुए मुख्यमंत्री पद से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पहले ही संदेह व्यक्त किया था कि कांग्रेस चुनाव को लूटने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है और इस संबंध में हमने राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर चुनाव में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की थी लेकिन चुनाव आयोग ने पार्टी नेताओं की बातों का संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आप कार्यकर्ताओं पर हमला किया है। पट्टी में कांग्रेस कार्यकर्ता ने एक कार्यकर्ता को गोली मार दी और एक आप कार्यकर्ता को पुलिस ने गैर-कानूनी रूप से गिरफ्तार किया है।
विपक्षी दलों के खिलाफ बूथ कैप्चरिंग और हिंसा में लिप्त रहे कांग्रेसी : शिअद
शिरोमणि अकाली दल ने निकाय चुनाव में वोटिंग के दौरान मतदाताओं को डराने, विपक्ष के खिलाफ हिंसा करने, बूथों कैप्चरिंग के लिए सिविल और पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की निंदा की है। पूर्व मंत्री व शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि शिअद ने पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग को निकाय चुनाव के दौरान आगाह कर दिया था। इस चेतावनी के बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
डॉ. चीमा ने कहा कि रविवार को चुनाव के दौरान कांग्रेस ने न केवल बूथों पर कब्जा किया बल्कि विपक्षी उम्मीदवारों तथा उनके समर्थकों पर जहां भी विपक्ष तथा आम जनता ने विरोध किया उन पर हमला किया। घटनाओं का हवाला देते हुए अकाली नेता ने कहा कि तरनतारन जिले के पट्टी में गोलियां चलाई गईं, रोपड़ तथा फतेहगढ़ चुड़ियां में अकाली दल समर्थकों को तेजधार हथियारों से घायल कर दिया गया।
मुक्तसर, राजपुरा, समाना, सुलतानपुर लोधी, दीनानगर, फिरोजपुर, भिखीविंड में बूथों पर कब्जा कर लिया गया। वरिष्ठ सांसद नेता विरसा सिंह वल्टोहा उनके बेटे गौरवदीप सिंह वल्टोहा तथा अन्य पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। डॉ. चीमा ने कहा कि पुलिस ने भी मतदान केंद्रों में वीडियोग्राफी टीम तैनात करने की अनुमति नहीं दी।