साहित्य की दुनिया को आगे बढ़ाने को नवजोत सिद्धू की पहल, कई घोषणाएं

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 14 Sep 2017 02:51 PM IST
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पंजाब के मंत्री नवजोत सिद्धू
पंजाब के मंत्री नवजोत सिद्धू

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साहित्य की दुनिया को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब के मंत्री नवजोत सिद्धू ने पहल की है। उन्होंने साहित्यकारों से बैठक के बाद कई बड़ी घोषणएं की। न समझोगे तो मिट जाओगे ए पंजाब वालों, तुम्हारी दास्तां तक न होगी दास्तानों में। पंजाब के साहित्यकारों के बीच पंजाब के सांस्कृतिक मंत्री नवजोत सिद्धू ने इस बार कुछ ऐसे अंदाज में अपनी स्पीच शुरू की। पंजाब के साहित्यकारों को एक ही मंच पर लाकर उनके साथ दो घंटे तक बैठकर नवजोत सिंह सिद्धू पहले तो उनकी बातों को गंभीरता से सुना और फिर अपनी बात रखी।
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नवजोत सिंह सिद्धू अब साहित्य, साहित्यकारों और पंजाब के कलाकारों के साथ मिलकर पंजाब आर्ट्स काउंसिल के माध्यम से पंजाब को एक नई दिशा देने की योजना पर काम कर रहे हैं। अपनी योजना को ज्यादा पुख्ता और साहित्य और साहित्यकारों के नजरिए से तैयार करने के लिए उन्होंने पंजाब कला भवन में साहित्यकारों को आमंत्रित किया। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि अब आइडिया ही सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि पंजाब और पंजाब के साहित्य को जागृत करने के लिए उनके पास यह अच्छा मौका है और जो साहित्यकार मंच के माध्यम से उनको जानकारी दे रहे हैं उन पर काम जरूर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पंजाब में जल्द ही कलानायक की शुरुआत करने की योजना है। जिसके माध्यम से पेंटिंग, साहित्य, लेखन और आर्ट्स के क्षेत्र में अलग अलग कंपटीशन करवाए जाएंगे। इसका उद्देश्य पंजाब के टैलेंट को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि नायक जरूर नहीं है कि फिल्म का हो, वह कला का भी हो सकता है, साहित्य का भी हो सकता है और पेंटिंग के क्षेत्र से भी निकाला जा सकता है। नवजोत सिंह सिद्धू के साथ पंजाब कला भवन में पंजाब आर्ट्स काउंसिल के चेयरमैन सुरजीत पातर मौजूद थे। सिद्धू ने कहा कि जुनून से ही जंग जीती जा सकती है और पंजाब में जुनून उन्होंने देखा है।
वेबसाइट भी तैयार की जाएगी
पंजाब आर्ट्स काउंसिल के चेयरमैन सुरजीत पातर ने कहा कि पंजाब के साहित्यकारों के लिए एक खास वेबसाइट तैयार करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से देश और विदेश में रहने वाले साहित्यकार वेबसाइट से जुड़ेंगे। यह नेटवर्क एक खास नेटवर्क होगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पंजाब आर्ट्स काउंसिल की प्राथमिकताओं में गांव हैं। कोशिश यह है कि गांव गांव से जुड़ा जाए। इसके साथ ही एजूकेशनल इंस्टीट्ूयूशन के साथ रिश्ता जोड़ा जाएगा।

पंजाब आर्ट्स काउंसिल परदेशी पंजाब को भी वेबसाइट के माध्यम से जोड़ना चाहता है। उन्होंने बताया कि लोकधारा की शैली को खत्म नहीं किया जाएगा, इसका नव सृजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब आर्ट्स काउंसिल की कोशिश है कि पंजाब के युवाओं पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने बताया कि इस मीटिंग के दौरान सौ साहित्यकार और बुद्धिजीवियों को बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि इसी माह के अंत में आगाज कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में एशियन पोएट्री कंपटीशन का आयोजन किया जाएगा।

जल्द बन सकता है म्यूजियम
पंजाब ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष हरविंदर सिंह खालसा ने इस मौके पर कहा कि उनके पास कई ऐसे कलेक्शन हैं जो कि पंजाब के साहित्य को दर्शाते हैं। उनको कई ऐसे लोग मालूम हैं जिनके पास साहित्य और साहित्यकारों से जुड़े कलेक्शन हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजाब में ऐसे कलेक्शन को लेकर एक म्यूजियम तैयार किया जा सकता है, जिससे पंजाब के लोगों को वक्त के मुताबिक शैली में होने वाले परिवर्तन के बारे में जानकारी मिल सके।
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