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पहल: पंजाब की जेलों में जीवनसाथी संग अंतरंग समय बिता सकेंगे कैदी, दावा- यह सुविधा शुरू करने वाला पहला राज्य
Tue, 20 Sep 2022 10:25 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 20 Sep 2022 10:25 PM IST
सार
जेल विभाग ने दावा किया है कि हमारे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक पंजाब जेलों में कैदियों के लिए देश में वैवाहिक यात्राओं को लागू करने वाला पहला राज्य है। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से कैदियों के वैवाहिक बंधन मजबूत होंगे और कैदियों का अच्छा आचरण भी सुनिश्चित होगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
पंजाब में कैदी अब अपने जीवनसाथी के साथ जेल में ही कुछ अंतरंग समय बिता सकेंगे। जेल विभाग ने मंगलवार से कैदियों के लिए दांपत्य यात्रा की शुरुआत की है। विभाग का दावा है कि पंजाब इस तरह की सुविधा शुरू करने वाला पहला राज्य है। जेल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में गोइंदवाल साहिब की केंद्रीय जेल, नाभा की नई जिला जेल और बठिंडा की महिला जेल में वैवाहिक मुलाकातों की अनुमति होगी।
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हालांकि, कट्टर अपराधियों, गैंगस्टरों, उच्च जोखिम वाले कैदियों और यौन संबंधी अपराधों में शामिल कैदियों को इस सुविधा का लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारी ने कहा कि अच्छे आचरण वाले कैदियों को अनुमति दी गई है। इस दौरान दो घंटे तक मुलाकात की अनुमति रहेगी। विभाग ने इस योजना के लिए बाथरूम के साथ एक अलग कमरा चिह्नित किया है।
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जेल विभाग के अधिकारी ने कहा कि उन कैदियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो जेलों में सबसे लंबे समय तक रहे हैं। साथ ही विभाग ने दावा किया है कि हमारे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक पंजाब जेलों में कैदियों के लिए देश में वैवाहिक यात्राओं को लागू करने वाला पहला राज्य है। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से कैदियों के वैवाहिक बंधन मजबूत होंगे और कैदियों का अच्छा आचरण भी सुनिश्चित होगा।
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जेल अधिकारी ने कहा कि तीन महीने में एक बार इसके लिए अनुमति दी जाएगी। जेल में आने वाले पति या पत्नी को शादी का प्रमाण पत्र और चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वह एचआईवी या किसी अन्य यौन संचारित रोग, कोविड या किसी अन्य संक्रामक रोग से मुक्त है। कुछ दिन पहले जेल विभाग ने कैदियों के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया था, जिससे उन्हें जेल परिसर में अपने परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति मिली। इस कार्यक्रम को लुधियाना जेल से शुरू किया गया था। कैदी और विचाराधीन कैदी अपने प्रियजनों से व्यक्तिगत रूप से एक घंटे हर तिमाही में जेल परिसर के अंदर विशेष रूप से निर्दिष्ट कमरे में मिल सकते हैं और परिवार के सदस्य भी कैदियों के साथ भोजन का आनंद ले सकते हैं।