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फरमानः निगम कर्मियों को रिहायश देने पर फैसला ले यूटी प्रशासन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 06 Mar 2016 04:27 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ यूटी प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह पंजाब के निगमों में सेवारत कर्मचारियों को भी चंडीगढ़ में सरकारी रिहायश देने पर फैसला ले। सलाहकार को निर्देश दिया गया है कि यूटी प्रशासन पंजाब के निगमों को उन विभागों की सूची में शामिल करने पर फैसला लें, जिन विभागों के कर्मचारी रिहायश लेने के हकदार हैं।
दरअसल पंजाब वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के जिला मैनेजर दीपक कुमार सिंगला ने यूटी प्रशासन को मांग पत्र सौंपा था। कहा था कि चंडीगढ़ स्थित पंजाब सरकार के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी यूटी पूल के चंडीगढ़ में सरकारी मकानों की अलाटमेंट के हकदार हैं।
कहा था कि पंजाब के निगमों में अन्य सरकारी विभागों के नियम ही लागू हैं, लिहाजा इस हिसाब से उन्हें भी मकान अलाट की जानी चाहिए। यह मांग भी की थी कि निगमों के शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारियों को अलाटमेंट के योग्य कर्मचारियों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इसी मांग पत्र पर तीन महीने में फैसला लेने का निर्देश यूटी प्रशासन को दिया गया है।
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दरअसल पंजाब वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के जिला मैनेजर दीपक कुमार सिंगला ने यूटी प्रशासन को मांग पत्र सौंपा था। कहा था कि चंडीगढ़ स्थित पंजाब सरकार के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी यूटी पूल के चंडीगढ़ में सरकारी मकानों की अलाटमेंट के हकदार हैं।
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कहा था कि पंजाब के निगमों में अन्य सरकारी विभागों के नियम ही लागू हैं, लिहाजा इस हिसाब से उन्हें भी मकान अलाट की जानी चाहिए। यह मांग भी की थी कि निगमों के शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारियों को अलाटमेंट के योग्य कर्मचारियों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए। इसी मांग पत्र पर तीन महीने में फैसला लेने का निर्देश यूटी प्रशासन को दिया गया है।
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