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नौकरी के लिए आवेदन करने वालों पर आपराधिक मामलों को लेकर हाईकोर्ट का अहम फैसला, पढ़ें

Tue, 19 Jun 2018 02:32 PM IST
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 19 Jun 2018 02:32 PM IST
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punjab haryana highcourt decision about criminal case on job applicant
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नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान यदि आवेदक पर आपराधिक मामला दर्ज हो और वह बेनिफिट ऑफ डाउट के चलते बरी हो जाता है तो भी आवेदक नियुक्ति का हकदार नहीं है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भारत सरकार द्वारा सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील को मंजूर करते हुए यह आदेश जारी किया है।
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महेंद्रगढ़ निवासी सतीश कुमार का चयन सीआईएसएफ में हुआ था और उसे ट्रेनिंग पर भेजा गया था। इस दौरान 24 अक्तूबर 2011 को उसपर एक आपराधिक मामला दर्ज हुआ। इसके चलते 3 दिसंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आपराधिक मामले में लिप्त होने के चलते सीआईएसएफ ने सतीष को सेवामुक्त करने का फैसला ले लिया।
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इस फैसले को चुनौती देते हुए सतीष ने सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल की थी। सिंगल बेंच ने सीआईएसएफ को आदेश दिए थे कि याची की रिप्रेजेंटेशन पर दो माह में याची का पक्ष सुन फैसला करें। सीआईएसएफ ने याची की रिप्रेजेंटेशन पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया। इसके बाद याची ने सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल की।
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इस याचिका को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने याची को नियुक्ति के लिए योग्य माना। साथ ही सीआईएसएफ को आदेश दिए कि याची बरी हो गया है तो उसे नियुक्ति दी जाए। इस पर सीआईएसएफ की ओर से केंद्र सरकार ने सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच के समक्ष याचिका दाखिल की।

डिवीजन बेंच ने याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि भले ही याची आपराधिक मामले में बरी हो गया है, लेकिन उसे बेनिफिट ऑफ डाउट के तहत बरी किया गया है। ऐसे में याची को संवेदनशील सीआईएसएफ जैसी नौकरी के लिए योग्य नहीं माना जा सकता है।


कोर्ट ने कहा कि इस मामले में याची ने बेसिक ट्रेनिंग तक पूरी नहीं की थी और साथ ही हत्या जैसे गंभीर मामले में उसे आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने यह भी माना की सीआईएसएफ के पास अधिकार है कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान यदि वह किसी को अयोग्य पाए तो उसे निकाल सकते हैं। साथ ही प्रोबेशन का समय इस प्रकार की स्थिति के लिए होता है, जिसमें नियुक्ति व्यक्ति को समझा जा सके कि उसकी सेवाओं को आगे बढ़ाना है या नहीं।
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