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हुडा प्लॉट आवंटनः मामले में रसूखदारों पर लटकी कानूनी तलवार, हाईकोर्ट की सरकार को फटकार

Tue, 10 Dec 2019 11:31 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 10 Dec 2019 11:31 AM IST
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punjab haryana high court strict on huda plot allotment
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
हुडा के प्लॉट आवंटन मामले में कई आईएएस, आईपीएस, नेता, मंत्री और रसूखदार लोगों पर अब कानून की तलवार लटक गई है। रसूखदारों का नाम होने के कारण रि. जस्टिस रामेश्वर मलिक की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यी कमेटी के गठन होने पर जांच रोकने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर जांच की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले में लगातार आरोप लगते आए हैं कि केवल आम लोगों पर ही एफआईआर की जा रही है जबकि बड़े नामों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कई न्यायिक अधिकारी, पूर्व न्यायिक अधिकारी, ब्यूरोक्रेटस और अन्य प्रभावशाली लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए ऐसी कमेटी गठित की जानी चाहिए तो निष्पक्ष होकर जांच कर सके।
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हाईकोर्ट ने मामला हरियाणा का होने के चलते जस्टिस रामेश्वर मलिक के साथ इस कमेटी में पंजाब के रिटायर सेशन जज जीएस सरना व पंजाब के पूर्व आईपीएस एसएस संधू को इस कमेटी में शामिल करने के आदेश दिए थे। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए इसे चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी पर रोक लगा दी थी। अब जब मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो हाईकोर्ट को बताया गया कि जांच नहीं की जा रही थी क्योंकि इस पर रोक है।
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इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि रोक सिविल मामले में अलॉटमेंट की जांच करने वाली कमेटी पर लगी थी न की आपराधिक मामले की पुलिस जांच पर। हाईकोर्ट को इसी बीच याचिकाकर्ता के वकील एचएस सेठी ने बताया कि एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान एजी कार्यालय ने कहा है कि एक पॉलिसी लाकर एफआईआर और प्रोसीक्यूशन पर रोक का निर्णय लिया जा रहा है। इसका हरियाणा सरकार के वकील ने विरोध किया।

हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के वकील का स्टेटमेंट रिकार्ड करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस जांच पर कोई रोक नहीं है और अगली सुनवाई पर हरियाणा सरकार को जांच की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने के भी आदेश दिए हैं। इस द दौरान याची के वकील एचएस सेठी की सुरक्षा पर बहस हुई जिस पर यूटी प्रशासन ने कहा कि उन्हें इसी माह शिकायत प्राप्त हुई है और अभी कोई ऐसा कारण दिखा नहीं है जिसके चलते सुरक्षा दी जाए।

हाईकोर्ट ने कहा कि क्या कुछ होने के बाद सुरक्षा दी जाएगी। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर इसपर जवाब देने के यूटी प्रशासन को आदेश दिए हैं।

हाई प्रोफाइल नाम है आरोपी

मामले में याची पक्ष की ओर से चार पूर्व विधायकों उदय सिंह दलाल, अजमत खान, टेक राम व मांगे राम गुप्ता को मल्टीपल अलॉटमेंट का आरोपी बताया हैं। इसके साथ ही हुडा के पूर्व प्रशासक सहित कई वर्तमान अधिकारी व आईएएस व आईपीएस को आरोपी बनाया गया है।

यह है मामला
हुडा के प्लॉट की मल्टीपल अलॉटमेंट मामले में एक व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज की गई थी। उसने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी तो हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ा दिया। सुनवाई में पता चला कि ऐसी अलॉटमेंट की संख्या हजारों में है। जिसके बाद हाईकोर्ट लगातार समय-समय पर निर्देश जारी करता आया है। अब हाईकोर्ट ने आखिरकार कमेटी गठित करने का फैसला ले लिया है।
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