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राहत भरी खबर, हरियाणा के 631 हेड मास्टरों को रिवर्ट करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Sat, 31 Aug 2019 09:30 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 31 Aug 2019 09:30 AM IST
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हरियाणा सरकार द्वारा 631 एलिमेंट्री हेड मास्टरों को रिवर्ट करने के 21 अगस्त को जारी आदेश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।
याचिका दाखिल करते हुए विरेंद्र खंगवाल व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि यचिकाकर्ताओं को 2013-14 में प्रमोट कर हेड मास्टर बनाया गया था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने एक सूची बना 1900 से अधिक हेड मास्टरों को रिवर्ट करने के आदेश जारी कर दिए थे। इसको हाईकोर्ट में चुनौती दी गई तो 2016 में हरियाणा सरकार ने आदेश वापस ले लिया। इसके बाद अब दोबारा एक सूची जारी की गई जिसमें 900 से अधिक नाम शामिल किए गए।
सभी जिलों में दस्तावेजों की जांच के बाद 900 हेड मास्टरों को पंचकूला बुलाया गया और दस्तावेजों की जांच हुई जिसमें 631 अयोग्य पाए गए। हरयिाणा सरकार ने इन 631 हेड मास्टरों को रिवर्ट करने के आदेश जारी कर दिए। याची के वकील अनुराग गोयल ने हाईकोर्ट को बताया कि प्रमोशन के लिए जो नीति है वह दोषपूर्ण है और गणना के कोई मानक नहीं है। मनमाने तरीके से अंक दिए गए और इसी का नतीजा है कि योग्य लोग आयोग्यों की श्रेणी में लाकर रख दिए गए हैं।
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हाईकोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर है और इस विवाद का निपटारा जरूरी है। ऐसे में यदि आदेश पर रोक नहीं लगाई गई तो याचिका के कोई मायने नहीं रह जाएंगे। इसके बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी करते हुए रिवर्ट करने वाले आदेश पर रोक लगा दी है।
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याचिका दाखिल करते हुए विरेंद्र खंगवाल व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि यचिकाकर्ताओं को 2013-14 में प्रमोट कर हेड मास्टर बनाया गया था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने एक सूची बना 1900 से अधिक हेड मास्टरों को रिवर्ट करने के आदेश जारी कर दिए थे। इसको हाईकोर्ट में चुनौती दी गई तो 2016 में हरियाणा सरकार ने आदेश वापस ले लिया। इसके बाद अब दोबारा एक सूची जारी की गई जिसमें 900 से अधिक नाम शामिल किए गए।
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सभी जिलों में दस्तावेजों की जांच के बाद 900 हेड मास्टरों को पंचकूला बुलाया गया और दस्तावेजों की जांच हुई जिसमें 631 अयोग्य पाए गए। हरयिाणा सरकार ने इन 631 हेड मास्टरों को रिवर्ट करने के आदेश जारी कर दिए। याची के वकील अनुराग गोयल ने हाईकोर्ट को बताया कि प्रमोशन के लिए जो नीति है वह दोषपूर्ण है और गणना के कोई मानक नहीं है। मनमाने तरीके से अंक दिए गए और इसी का नतीजा है कि योग्य लोग आयोग्यों की श्रेणी में लाकर रख दिए गए हैं।
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हाईकोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर है और इस विवाद का निपटारा जरूरी है। ऐसे में यदि आदेश पर रोक नहीं लगाई गई तो याचिका के कोई मायने नहीं रह जाएंगे। इसके बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी करते हुए रिवर्ट करने वाले आदेश पर रोक लगा दी है।