फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High Court Statement on Tendency to Charge as Accused in Criminal Cases

आपराधिक मामलों में अधिक लोगों को अतिरिक्त आरोपी बनाने की प्रवृत्ति बंद करो अब: हाईकोर्ट

Wed, 25 Dec 2019 10:13 AM IST
खुशबू गोयल विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 25 Dec 2019 10:13 AM IST
विज्ञापन
Punjab Haryana High Court Statement on Tendency to Charge as Accused in Criminal Cases
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
हत्या के मामले में अतिरिक्त आरोपियों के तौर पर कुछ लोगों को शामिल करने से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामलों में अतिरिक्त आरोपी बनाने की प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट को ऐसे मामलों में नियमों के प्रति सख्त रहना चाहिए, ताकि ऐसी प्रवृत्ति को रोका जा सके।
विज्ञापन


मामला महेंद्रगढ़ से जुड़ा है, जहां 2018 में हुई हत्या के एक मामले में शिकायतकर्ता ने कुछ लोगों को अतिरिक्त आरोपी के तौर पर समन किए जाने की अपील की थी। ट्रायल कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ ममता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने याची का पक्ष सुनने के बाद याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में 11 लोग पहले ही ट्रायल झेल रहे हैं। एफआईआर में और उसके बाद सप्लीमेंट्री बयान में भी याची ने उन लोगों का नाम नहीं लिया था जिनको अब अतिरिक्त आरोपी बनाने की अपील की जा रही है। जब दूसरा सप्लीमेंट्री बयान हुआ तब जाकर इन लोगों का नाम लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कानून के प्रावधान के तहत कोर्ट पास अधिकार है कि वह किसी को अतिरिक्त आरोपी बनाकर समन कर सकता है, लेकिन ऐसा करते हुए नियमों के प्रति जज को सख्त रहना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामलों में अब यह प्रवृत्ति बन गई है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का नाम शामिल किया जाए और ज्यादा लोग ट्रायल झेलें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed