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हाईकोर्ट ने वकीलों को लगाई फटकार, जज बोले- दम है तो सीएम के घर या विधानसभा जाकर धरना दो

Fri, 16 Aug 2019 09:52 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 16 Aug 2019 09:52 AM IST
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Punjab Haryana High Court Statement on Strike of Advocates against Haryana Tribunal
प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा ट्रिब्यूनल के विरोध में धरना- प्रदर्शन करने वाले वकीलों को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि निर्णय सरकार का है और हड़ताल हाईकोर्ट के गेट पर की जा रही है। अगर हिम्मत है तो सीएम हाउस या विधानसभा का घेराव करो, पता चल जाएगा कि प्रदर्शन क्या होता है? कोर्ट ने वकीलों को दो टूक कहा कि ‘प्रदर्शन करें यह उनका हक है, लेकिन हाईकोर्ट के गेट पर नहीं क्योंकि यह वकीलों की प्रॉपर्टी नहीं है।’
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अब वकील बैठक कर शुक्रवार को हाईकोर्ट में इसकी जानकारी देंगे। बुधवार को दोपहर में सुनवाई आरंभ होते ही चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी ने वकीलों को हाईकोर्ट के गेट बंद करने और लाउड स्पीकर के इस्तेमाल पर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट वह स्थान है, जहां आप काम करते हो और हमने नहीं देखा कि  विरोध करते हुए अपने काम करने के स्थान को ही कोई सील कर दे। क्या किसी दुकानदार या उद्योगपति को देखा है जो अपनी दुकान या उद्योग को बंद कर बाहर धरना लगाकर बैठा हो।
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लाउड स्पीकर के इस्तेमाल पर हाईकोर्ट ने कहा कि अगर आपका पड़ोसी पूरा दिन आपके दरवाजे पर लाउड स्पीकर बजाता रहे तो आपको कैसा लगेगा। वकील सुबह से शाम तक लाउड स्पीकर पर भाषण दे रहे हैं , जो हमारे सिर पर बज रहे हैं। जस्टिस आरके जैन ने कहा कि मेरी कोर्ट के ठीक बाहर यह लाउड स्पीकर लगाए गए हैं।
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ट्रिब्यूनल हाईकोर्ट ने स्थगित किया और सरकार ने कमेटी बनाई फिर क्यों जारी है हड़ताल

हाईकोर्ट ने कहा कि 2 अगस्त को हैट की नोटिफिकेशन हम स्थगित कर चुके हैं और हरियाणा सरकार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस ट्रिब्यूनल की कानूनी वैधता, महत्व और कार्यक्षमता पर गौर करने के लिए कमेटी बना चुका है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी में बार काउंसिल के चेयरमैन, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को शामिल किया गया है। ऐसे में अब भी बार एसोसिएशन हड़ताल को क्यों जारी रखे हुए हैं।

सख्ती भी दिखाया, समझाया भी
हाईकोर्ट के गेट पर धरना लगाने वाले वकीलों पर हाईकोर्ट ने सख्ती भी दिखाई और समझाया भी। हाईकोर्ट ने अब साफ शब्दों में कहा कि वकील गेट खाली कर दें और किसी अन्य स्थान पर अपना प्रदर्शन करें। अगर ऐसा नहीं किया गया तो हाईकोर्ट को मजबूरन यह जगह खाली करवाने के चंडीगढ़ प्रशासन को आदेश देना पड़ेगा। यह बात कहते हुए हाईकोर्ट ने कोर्ट में मौजूद एडवाइजर, गृह सचिव, डीजीपी व एसएसपी की ओर इशारा किया। हाई कोर्ट ने कहा कि हड़ताल करना संवैधानिक अधिकार है लेकिन इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

बैठक कर लिया जाएगा निर्णय: बार एसोसिएशन
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीपीएस रंधावा और सचिव रोहित सूद ने कहा कि उन्हें थोड़ा समय दिया जाए क्योंकि हाईकोर्ट बार की आम बैठक के बाद ही निर्णय लिया जा सकता है। हाईकोर्ट ने इस पर बार एसोसिएशन को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया है और सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार सुबह दस बजे तक इस पर फैसला कर सूचित करने के आदेश दे दिए हैं। 
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