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हाईकोर्ट की टिप्पणी- वैज्ञानिक चांद पर ले गए यान, आप एयरपोर्ट का काम भी पूरा नहीं कर पा रहे
Thu, 26 Sep 2019 11:32 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 26 Sep 2019 11:32 AM IST
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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कैट-3, पैरलल टैक्सी ट्रैक और ओएलएस का काम पूरा होने में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि देश के वैज्ञानिक चंद्रयान को चांद पर पहुंचा चुके हैं और आप हैं कि एयरपोर्ट पर अधूरे काम पूरे नहीं करवा पा रहे हैं। कोर्ट ने अब तीनों मुद्दों पर सभी पक्षों को बैठक कर तीन हफ्ते में हल निकालने के आदेश दिए हैं।
वहीं एयरपोर्ट पर कैट-3 और पैरलल टैक्सी ट्रेक के मामले में हाईकोर्ट ने छह महीने में कैट-3 सुविधा देने के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार ने इस पर कहा कि एयरपोर्ट पर कैट-3 फैसिलिटी पर एएआई और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट में सहमति बन गई है और टाटा सीड भी इसके लिए तैयार है। आगे की कार्रवाई के लिए रक्षा मंत्रालय की स्वीकृति बाकी है। अब यह मामला रक्षा मंत्रालय के समक्ष विचाराधीन है।
18 को नोटिस दिया, 15 दिन में गिरा देंगे निर्माण
पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने 9 मार्च 2011 को जारी नोटिफिकेशन के बाद बने सभी निर्माण तय प्रक्रिया के तहत तत्काल गिराए जाने के आदेश पर पंजाब सरकार ने बताया कि सभी 98 निर्माणों के मालिकों को 18 सितंबर को नोटिस दिया जा चुका है। वर्क ऑफ डिफेंस एक्ट के तहत जारी नोटिस में उन्हें 15 दिनों में निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया है। जवाब आने बाद इन पर तय कानून के तहत कार्रवाई कर दी जाएगी।
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वहीं एयरपोर्ट पर कैट-3 और पैरलल टैक्सी ट्रेक के मामले में हाईकोर्ट ने छह महीने में कैट-3 सुविधा देने के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार ने इस पर कहा कि एयरपोर्ट पर कैट-3 फैसिलिटी पर एएआई और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट में सहमति बन गई है और टाटा सीड भी इसके लिए तैयार है। आगे की कार्रवाई के लिए रक्षा मंत्रालय की स्वीकृति बाकी है। अब यह मामला रक्षा मंत्रालय के समक्ष विचाराधीन है।
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18 को नोटिस दिया, 15 दिन में गिरा देंगे निर्माण
पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने 9 मार्च 2011 को जारी नोटिफिकेशन के बाद बने सभी निर्माण तय प्रक्रिया के तहत तत्काल गिराए जाने के आदेश पर पंजाब सरकार ने बताया कि सभी 98 निर्माणों के मालिकों को 18 सितंबर को नोटिस दिया जा चुका है। वर्क ऑफ डिफेंस एक्ट के तहत जारी नोटिस में उन्हें 15 दिनों में निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया है। जवाब आने बाद इन पर तय कानून के तहत कार्रवाई कर दी जाएगी।
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ओपन स्काई समझौते में कवर नहीं होगा चंडीगढ़
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने आसियान देशों के साथ हुए ओपन स्काई समझौते के तहत चंडीगढ़ को शामिल करने की जो मांग की थी उसपर केंद्र ने कहा है कि वह वन टाइम पॉलिसी थी। उसमें चंडीगढ़ को शामिल नहीं किया जा सकता।
हालांकि केंद्र सरकार अन्य एयर लाइंस से बात कर रही है, जिससे ज्यादा से ज्यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स चंडीगढ़ से उड़ सकें। आसियान देशों ने भारत के 18 एयर पोर्ट्स को ओपन स्काई समझौते के तहत नोटिफाई किया हुआ है जिसके तहत इन 18 एयर पोर्ट्स से आसियान समूह के किसी भी देश के लिए इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू की जा सकती हैं।
देश के इन 18 एयरपोर्ट्स में धर्मशाला का एयरपोर्ट भी शामिल है। चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट बाद में बना है, लिहाजा इसे शामिल नहीं किया गया है।
हालांकि केंद्र सरकार अन्य एयर लाइंस से बात कर रही है, जिससे ज्यादा से ज्यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स चंडीगढ़ से उड़ सकें। आसियान देशों ने भारत के 18 एयर पोर्ट्स को ओपन स्काई समझौते के तहत नोटिफाई किया हुआ है जिसके तहत इन 18 एयर पोर्ट्स से आसियान समूह के किसी भी देश के लिए इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू की जा सकती हैं।
देश के इन 18 एयरपोर्ट्स में धर्मशाला का एयरपोर्ट भी शामिल है। चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट बाद में बना है, लिहाजा इसे शामिल नहीं किया गया है।