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हाईकोर्ट की टिप्पणी- ‘नारी के बिना समाज तरक्की नहीं कर सकता, फिर महिलाओं से क्रूरता क्यों’

Wed, 26 Aug 2020 10:17 AM IST
खुशबू गोयल विवेक शर्मा, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 26 Aug 2020 10:17 AM IST
सार

  • उच्च न्यायालय ने महिलाओं के प्रति बढ़ते जघन्य अपराधों पर जताई चिंता
  • अपराधों को सख्ती से दबाने के लिए एजेंसियों के हाथ मजबूत करें सरकारें
  • अश्लील सामग्री भेजने संबंधी जांच में देरी पर पुलिस को लगाई फटकार

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Punjab Haryana High Court Statement on Crime Against Women
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट

विस्तार

महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा कि नारी के सम्मान के बिना कोई समाज तरक्की नहीं कर सकता। ऐसी सोच रखने वाले भारत में आज महिलाओं की स्थिति बदतर हो गई है। उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करते हुए तीन लोगों ने जमानत की मांग की थी।
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मामला लुधियाना का है जहां पर दो लड़कियों ने इन तीनों पर फर्जी आईडी बनाकर व्हाट्स एप पर अश्लील सामग्री  भेजने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वह याचिका वापस लेना चाहते हैं, याचिका को आगे नहीं बढ़ाना चाहते । न्यायालय ने याचिका वापस लेने की छूट देते हुए उसे खारिज कर दिया, लेकिन इस मामले में हुई देरी पर पुलिस को फटकार लगाई।
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न्यायालय ने कहा कि शिकायत मिलने के 3 माह बाद एफआईआर दर्ज की गई और अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। प्राचीन सभ्यता और समृद्ध संस्कृति वाले इस देश में ऐसी मान्यता है कि नारी के आदर के बिना कोई समाज फल फूल नहीं सकता। लेकिन देश में महिलाओं से क्रूरता और यौन अपराध के मामले  लगातार बढ़ रहे हैं। महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों को सख्ती से दबाने के लिए राज्य सरकार को एजेंसियों के हाथ मजबूत करने चाहिए।
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जांच में हो रही देरी पर न्यायालय ने सरकार को फटकार लगाते हुए पंजाब पुलिस को निर्देश दिया कि वह मामले की जांच 60 दिन के भीतर पूरी करे। इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने पंजाब पुलिस को आदेश दिए हैं कि लीगल सर्विस अथॉरिटी द्वारा मुफ्त में उपलब्ध करवाई जाने वाली कानूनी सहायता के बारे में उन दोनों लड़कियों को जानकारी दी जाए ताकि वे कानूनी लड़ाई लड़ सकें।
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