फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High court, Sexual Harassment Case against punjab university formar vice chancellor

पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी पर यौन शोषण के आरोप मामले में हाईकोर्ट की फटकार, जानिए क्यों

Thu, 22 Aug 2019 10:51 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 22 Aug 2019 10:51 AM IST
विज्ञापन
Punjab Haryana High court, Sexual Harassment Case against punjab university formar vice chancellor
अदालत - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के पूर्व कुलपति पर एक महिला प्रोफेसर के यौन शोषण के आरोपों से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान बहस के लिए फिर समय मांगने पर हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि इस मामले को बेवजह लटकाया जा रहा है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी पक्ष 5 सितंबर को हर हाल में बहस के लिए तैयार रहें । अगर अगली सुनवाई पर भी समय मांगा गया तो अब तक पेश किए गए तथ्यों के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


जस्टिस अरुण मोंगा ने कहा कि दोनों पक्षों को अब एक अंतिम अवसर दिया गया है। इसके बाद किसी को भी पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया जाएगा और अब तक इस केस की सुनवाई के दौरान जो तथ्य और दलीलें पेश की गई हैं, उसी के आधार पर आगे सुनवाई होगी।  बता दें कि मामले में पीयू की ओर से कहा गया कि अब अब उनकी तरफ से दूसरे एडवोकेट पेश होंगे।
विज्ञापन


वहीं याचिकाकर्ता ने भी मामले में समय दिए जाने कि मांग की तो इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया ने आपत्ति जताई और कहा कि मामले में अंतरिम रोक के आदेश हासिल किए जाने के बाद याचिकाकर्ता बेवजह मामले को लटका रही हैं। बता दें कि मार्च 2013 में महिला प्रोफेसर ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन वीसी ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में बॉडी कॉन्टेक्ट की कोशिश की थी। तब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद भी ऐसा किये जाने पर उन्होंने मामले की शिकायत कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मामले की शिकायत की जांच के लिए वीसी ने ही सिंडिकेट और सीनेट के सदस्यों की कमेटी गठित कर दी थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि जिसके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं उनके तहत ही सीनेट और सिंडिकेट है। वह ही दोनों की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं । ऐसे में जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती है। वहीं, पूर्व वीसी ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताया था। इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर याचिकाकर्ता ने गत वर्ष हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने पीयू सहित पूर्व वीसी और केंद्र सरकार सहित अन्य सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed