फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High Court reprimands Punjab government

पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की फटकार: आपका बस चले तो जजों को गोशाला में बिठा दे, ये स्वीकार नहीं

Fri, 10 Jan 2025 09:47 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 10 Jan 2025 09:47 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के डेराबस्सी एसडीएम ऑफिस खाली करने के आदेश पर पुनर्विचार से इन्कार कर दिया है। साथ ही ऑफिस खाली न करने पर एसडीएम को अवमानना का नोटिस जारी किया है।

विज्ञापन
Punjab Haryana High Court reprimands Punjab government
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा व पंजाब में जजों के लिए आवास की व्यवस्था न होने पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि सरकार का बस चले तो जजों को गोशाला में बैठा दे। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की वह अर्जी खारिज कर दी जिसमें डेराबस्सी के एसडीएम कार्यालय को खाली करने का आदेश पर पुनर्विचार की अपील की गई थी।

विज्ञापन

मालेरकोटला बार एसोसिएशन ने उठाया था मुद्दा

मालेरकोटला बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए पंजाब में अदालतों की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा उठाया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि डेराबस्सी में अदालतों का इंतजाम क्यों नहीं करवाया गया है। इस पर पंजाब सरकार ने बताया था कि पार्किंग क्षेत्र में फेब्रिक से अस्थायी व्यवस्था की जा रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि हम अपने अधिकारियों को इस तरह शेड के नीचे नहीं बिठा सकते, क्या आप चीफ सेक्रेटरी के लिए उनके कार्यालय की जगह टेंट लगा देंगे।

हाईकोर्ट ने जताया कड़ा रुख

वीरवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के आवास, कार्यालय और जजों के आवास व अदालतों में जमीन आसमान का फर्क है। यदि इनका ऑडिट किया जाए तो सरकार मुश्किल में पड़ जाएगी। जजों को किराए पर रहना पड़ रहा है, यह बेहद खेदजनक स्थिति है।

पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने पाया था कि डेराबस्सी में एक ही इमारत में मौजूद अदालतों और एसडीएम कार्यालय में जमीन आसमान का फर्क है। कोर्ट ने अदालतों की दुर्दशा पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम कार्यालय खाली करने और पूरी इमारत का कब्जा जिला जज को देने का आदेश दिया था। पंजाब ने अर्जी दाखिल करते हुए उस आदेश पर पुनर्विचार की मांग की थी। 

सरकार ने कहा कि एसडीएम कार्यालय से लोग सीधे तौर पर जुड़े हैं, वह हटा दिया गया तो लोगों को परेशानी होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतें ज्यादा जरूरी हैं, भगवान बुद्ध ने वट वृक्ष के नीचे ज्ञान लिया था, आप अपने अधिकारियों को भी वहां बिठा दो। हाईकोर्ट ने इस मांग को खारिज करते हुए अब एसडीएम के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जज किराए के घरों में रहने को मजबूर हैं, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि सरकारी मकान कोई दान नहीं है, यह जजों का अधिकार है। सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने बताया कि जजों को सरकारी आवास के लिए 50 करोड़ व अदालतों के निर्माण के लिए 50 करोड़ मंजूर किया गया है। इसके लिए 60 प्रतिशत राशि राज्य देगा और बाकी 40 प्रतिशत केंद्र सरकार।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed