फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High Court Raised Questions on Bhiwani ADG Decision on Bail Petition

हाईकोर्ट ने पूछा सवाल, 'जिसका नाम एफआइआर में नहीं, उसकी जमानत याचिका खारिज कैसे की'

Sat, 16 May 2020 12:01 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 16 May 2020 12:01 PM IST
विज्ञापन
Punjab Haryana High Court Raised Questions on Bhiwani ADG Decision on Bail Petition
सांकेतिक तस्वीर
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने भिवानी के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज के फैसले पर सवाल उठाया है और जवाब तलब भी कर लिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी के दो मुख्य आरोपियों को जमानत दे दी गई, लेकिन जिसका नाम एफआईआर में नहीं है, उसकी अग्रिम जमानत याचिका कैसे खारिज कर दी गई। जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को आदेश दिया कि वह एडीजे से जवाब तलब करें कि मुख्य आरोपियों को जमानत देने का आधार क्या है?
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने यह आदेश भिवानी निवासी मोहन शर्मा की अग्रिम जमानत की मांग पर सुनवाई करते हुए दिया। याची मोहन शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि साहिल कोकचा व लक्ष्मी कोकचा ने भिवानी की श्री राम फाइनेंस से दस लाख रुपये कर्ज लिया था। इसके बदले उन्होंने अपना  घर श्री राम फाइनेंस के पास गिरवी रखा था। सात  महीने तक तो उन्होंने लोन की किश्त अदा की लेकिन उसके बाद किश्त देनी बंद कर दी। कुछ दिन बाद पता चला कि साहिल कोकचा और लक्ष्मी कोकचा ने फर्जी एनओसी के सहारे मकान कीर्ति नामक महिला को बेच दिया व एमसी रिकार्ड में बदलाव कर लिया।
विज्ञापन


जबकि मकान की ओरिजिनल सेल डीड कंपनी के पास थी। कंपनी ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी। याचिकाकर्ता ने बताया कि दोनों मुख्य आरोपियों सहित उसकी याचिका पर एक ही एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने सुनवाई की। लेकिन जिनका नाम एफआईआर में दर्ज था उन्हें जमानत दे दी, जबकि याची जो बैंक कर्मचारी है और जिसका नाम एफआईआर में भी नहीं है, उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। याची पर आरोप है कि एनओसी उसके द्वारा जारी की गई, जबकि उसने किसी भी एनओसी पर कोई हस्ताक्षर नहीं किए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस इस मामले की सही जांच नहीं कर रही। हाईकोर्ट ने इस मामले में मुख्य आरोपियों को दी गई जमानत पर सवाल उठाते हुए  तल्ख टिप्पणी की तथा याचिकाकर्ता को सशर्त जमानत का लाभ दे दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed