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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High Court notice to Haryana government on 5 points benefit on social and economic basis

Highcourt: मायका या ससुराल, सामाजिक-आर्थिक आधार पर अंकों के लिए किसे माने परिवार... हरियाणा सरकार दे जवाब

Tue, 03 Oct 2023 01:02 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 03 Oct 2023 01:02 PM IST
सार

याची ने हाईकोर्ट को बताया कि उनका पति, बेटा, सास, ससुर व अविवाहित देवर कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है। ऐसे में वह राज्य अधिसूचना के तहत इन अंकों की हकदार है। उसकी उम्मीदवारी खारिज करते हुए सरकार की ओर से यह आधार बनाया गया है कि उसकी मां सरकारी नौकरी में थीं।

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Punjab Haryana High Court notice to Haryana government on 5 points benefit on social and economic basis
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

सामाजिक व आर्थिक आधार पर 5 अंकों का लाभ देने पर फैसला लेते हुए सरकार विवाहित महिला के मायके को परिवार मानेगी या ससुराल को... पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से ये जवाब मांगा है। कोर्ट ने भिवानी निवासी सविता देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है।  

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भिवानी निवासी सविता देवी ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उसने हरियाणा सरकार द्वारा निकाली गई ग्रुप सी की भर्ती के लिए आवेदन किया था। सामाजिक-आर्थिक मानदंड के तहत अनाथों और विधवाओं सहित हरियाणा निवासी उम्मीदवारों को यह लाभ पाने के लिए उम्मीदवार की वार्षिक पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। उसकी उम्मीदवारी इस आधार पर खारिज कर दी गई कि उसने सामाजिक-आर्थिक आधार पर मिलने वाले 5 अंकों का दावा करते हुए गलत जानकारी दी। 
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याची ने हाईकोर्ट को बताया कि उनका पति, बेटा, सास, ससुर व अविवाहित देवर कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है। ऐसे में वह राज्य अधिसूचना के तहत इन अंकों की हकदार है। उसकी उम्मीदवारी खारिज करते हुए सरकार की ओर से यह आधार बनाया गया है कि उसकी मां सरकारी नौकरी में थीं। याची ने कहा कि विवाह के बाद महिला का परिवार उसका ससुराल होता है। याची ने नौकरी के लिए आवेदन करते हुए खुद को विवाहित बताया था और ऐसे में सामाजिक व आर्थिक आधार पर अंकों का उसका दावा बिलकुल सही था। याची की मां उसके मायके का हिस्सा है जो विवाह के बाद उसका परिवार नहीं है। 

हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। हाईकोर्ट का इस मामले में फैसला बेहद अहम होगा क्योंकि इससे विवाहित महिलाओं की सामाजिक व आर्थिक आधार पर अंकों को लेकर दावेदारी निर्भर करेगी।

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