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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High Court Judgement on Illegal Wine

अवैध शराब बनाने वाले नरम रुख के पात्र नहीं, इसके कारण देश ने कई त्रासदी झेलीं: उच्च न्यायालय

Tue, 29 Sep 2020 12:06 PM IST
खुशबू गोयल विवेक शर्मा, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 29 Sep 2020 12:06 PM IST
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Punjab Haryana High Court Judgement on Illegal Wine
Liquor Shops - फोटो : Amar Ujala(File Photo)
अवैध शराब बनाने के मामले में पुलिस के छापे से फरार होने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा कि अवैध शराब के कारण देश ने कई त्रासदी झेली हैं और ऐसे लोग दया और नरम रुख के पात्र नहीं है। याचिका दाखिल करते हुए बठिंडा के इकबाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने उसके घर पर छापा डाला था। पुलिस के अनुसार 29 मई 2020 को छापे के दौरान वह अवैध शराब बनाने की तैयारी में था और पुलिस को देखते ही वहां से भाग गया।
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याची ने कहा कि न तो वहां शराब बनाने का काम चल रहा था और न ही वह वहां से भागा था। याची ने कहा कि इतने पुलिस बल के बीच वह दीवार फांद कर कसे भाग सकता था। याची निर्दोष है और जांच में सहयोग के लिए पूरी तरह से तैयार है। ऐसे में याची को अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए। उच्च न्यायालय ने कहा कि देश ने अवैध शराब के चलते बहुत सी त्रासदी झेली हैं। हाल ही में पंजाब में 100 से अधिक लोगों ने इसी अवैध शराब के चलते अपनी जान गंवाई थी।
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इस प्रकार के व्यक्तियों से दृढ़ता और सख्ती से निपटा जाना चाहिए, ताकि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त होने से पहले लोग कई बार सोचें और ऐसा कर कीमती जीवन बचाया जा सके। उच्च न्यायालय ने कहा कि अवैध और जहरीली शराब का शिकार विशेष रूप से समाज के गरीब तबके से संबंधित लोग होते हैं क्योंकि यह बाजार में मिलने वाली शराब से तुलनात्मक रूप से सस्ते होती है जिसके चलते इस तबके के लोग इसका इस्तेमाल करते हैं और मौत का निवाला बन जाते हैं।
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उच्च न्यायालय ने कहा कि भले ही छापे में शराब बनाने की प्रक्रिया आरंभ नहीं थी लेकिन शराब बनाने के लिए आवश्यक  कच्चा माल वहां मौजूद था। साथ ही न्यायालय ने कहा कि जांच और पूछताछ से बचने के लिए याची वहां से भागा, यदि याची की कोई गलती नहीं होती तो वह भागता नहीं और पुलिस को जांच में सहयोग करता। इस टिप्पणी के साथ ही उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत की मांग को सिरे से खारिज कर दिया।
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