{"_id":"5df1c9298ebc3e87ec7ff255","slug":"punjab-haryana-high-court-granted-parole-to-rape-accused-for-marriage-with-victim","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिससे दुष्कर्म किया, उससे विवाह के लिए हाईकोर्ट से मांगी पैरोल, कुरुक्षेत्र में कराई जाएगी शादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिससे दुष्कर्म किया, उससे विवाह के लिए हाईकोर्ट से मांगी पैरोल, कुरुक्षेत्र में कराई जाएगी शादी
Thu, 12 Dec 2019 10:29 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 12 Dec 2019 10:29 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए एक कैदी ने उसी लड़की से शादी के लिए पैरोल मांगी है, जिससे दुष्कर्म के आरोप में उसे सजा हुई है। क्षेत्र निवासी कैदी की मांग को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने उसे शादी रचाने के लिए एक माह की पैरोल दे दी है। इस मामले में हाईकोर्ट को बताया गया कि कैदी उसी लड़की से विवाह करना चाहता है जिसके साथ उसने दुष्कर्म किया था।
इसी आरोप में इसे पास्को एक्ट में सजा हुई है। याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि अभी विवाह की तारीख निश्चित नहीं की गई है क्योंकि कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है। कोर्ट से पैरोल के आदेश के बाद ही शादी की तारीख निर्धारित की जाएगी। हाईकोर्ट ने कैदी की मांग स्वीकार करते हुए उसको पैराल देते हुए कहा कि वह एक निश्चित समय में जेल में वापस आ जाए।
वह जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वह याची का जेल लाना सुनिश्चित करें। मामले की सुनवाई के दौरान दुष्कर्म पीड़िता ने भी हाईकोर्ट को बताया कि वह अपनी मर्जी से याची साथ विभाग करने जा रही है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी आरोप में इसे पास्को एक्ट में सजा हुई है। याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि अभी विवाह की तारीख निश्चित नहीं की गई है क्योंकि कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है। कोर्ट से पैरोल के आदेश के बाद ही शादी की तारीख निर्धारित की जाएगी। हाईकोर्ट ने कैदी की मांग स्वीकार करते हुए उसको पैराल देते हुए कहा कि वह एक निश्चित समय में जेल में वापस आ जाए।
विज्ञापन
वह जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वह याची का जेल लाना सुनिश्चित करें। मामले की सुनवाई के दौरान दुष्कर्म पीड़िता ने भी हाईकोर्ट को बताया कि वह अपनी मर्जी से याची साथ विभाग करने जा रही है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
विज्ञापन