{"_id":"6440c38983b0a39cc0077165","slug":"punjab-haryana-high-court-gave-notice-to-pspcl-denied-job-to-married-daughter-on-compassionate-ground-2023-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Highcourt: विवाहित बेटी को अनुकंपा आधार पर नौकरी से किया इनकार, PSPCL को हाईकोर्ट ने दिया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Highcourt: विवाहित बेटी को अनुकंपा आधार पर नौकरी से किया इनकार, PSPCL को हाईकोर्ट ने दिया नोटिस
Thu, 20 Apr 2023 10:16 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 20 Apr 2023 10:16 AM IST
सार
लुधियाना निवासी हरजोत रानी ने एडवोकेट सन्नी सिंगला व रिति अग्रवाल के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उसके पिता पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। 2010 में सेवा के दौरान उसके पिता की मौत हो गई थी। याची ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया तो इनकार कर दिया गया।
विज्ञापन
highcourt
विस्तार
मृतक कर्मचारी की बेटी विवाहित है। केवल इस आधार पर अनुकंपा के आधार पर नौकरी से इनकार करने के पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन
याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी हरजोत रानी ने एडवोकेट सन्नी सिंगला व रिति अग्रवाल के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उसके पिता पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। 2010 में सेवा के दौरान उसके पिता की मौत हो गई थी। तब याची ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। याची का आवेदन खारिज करते हुए 2004 की नीति के तहत पंजाब सरकार ने उसे केवल मुआवजा देने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
इसके बाद 6 दिसंबर 2022 को पंजाब सरकार ने नीति के तहत मृतक कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का निर्णय लिया और इसके लिए आवेदन मांगे गए। याची को भी इस संबंध में पत्र मिला और उसने इसके लिए आवेदन किया। याची का आवेदन केवल इस आधार पर अस्वीकार कर दिया गया, क्योंकि वह विवाहित है। याचिकाकर्ता ने कहा कि पंजाब सरकार का यह निर्णय कानून के अनुरूप सही नहीं है। याचिका में हाईकोर्ट वे सुप्रीम कोर्ट के कई आदेश का हवाला देते हुए इस निर्णय को रद्द करने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर पीएसपीसीएल व अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।
विज्ञापन