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Highcourt News: घरौंडा के पूर्व विधायक ने 21 साल बाद मांगी पेंशन, हाईकोर्ट ने खारिज किया दावा

Sat, 30 Jul 2022 10:15 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 30 Jul 2022 10:15 PM IST
सार

Highcourt News: घरौंडा के पूर्व विधायक ने 21 साल बाद मांगी पेंशन, हाईकोर्ट ने खारिज किया दावा
 

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Punjab-Haryana High Court dismissed petition filed by former MLA from Gharaunda seeking pension
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

घरौंडा से पूर्व विधायक रमेश कश्यप द्वारा पेंशन की मांग को लेकर दाखिल याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका 21 साल बाद दाखिल की गई है ऐसे में याची को पेंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता।

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रमेश कश्यप ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि वह 1996 में विधायक बना था। इसके बाद उसके निर्वाचन को चुनौती देते हुए रमेश कुमार राणा ने याचिका दाखिल की थी। 1999 में हाईकोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला देते हुए याची के निर्वाचन को रद्द कर दिया था। याची ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट केफैसले पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 14 दिसंबर 1999 में विधानसभा भंग हो गई थी जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने याची की अपील को खारिज कर दिया।
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इसके बाद याची ने लीगल नोटिस भेजकर अपना कार्यकाल 5 वर्ष मान पेंशन देने की विधानसभा से मांग की थी। विधानसभा ने 2001 में याची की मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद कश्यप ने विधानसभा के 2001 के आदेश को रद्द  करने की याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की।  हाईकोर्ट ने कहा कि यह याचिका 21 साल की देरी से दाखिल की गई है, ऐसे में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।

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राष्ट्रपति पदक पाने वाले को नियुक्ति में देरी पर केजीबीवी के चेयरमैन को हाईकोर्ट की फटकार

राष्ट्रपति मेडल प्राप्त कर चुके रिटायर प्रिंसिपल को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) मेवात में हेड टीचर के तौर पर नियुक्ति में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केजीबीवी चेयरमैन को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट से अवमानना नोटिस जारी होने के बाद चेयरमैन की नींद टूटी और सरकार ने उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया है।

याचिका दाखिल करते हुए जीवन लाल ने एडवोकेट फारूख अब्दुल्ला के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि वह 2020 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति मेडल भी मिल चुका है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नूंह में दिसंबर 2021 में प्रधान अध्यपक पद का विज्ञापन जारी हुआ था। याची इस पद के लिए योग्य था और उसने इसके लिए आवेदन कर दिया। इस पद केलिए अकेला दावेदार होने के बावजूद याची को नियुक्ति नहीं दी गई। इसके चलते याची ने केजीबीवी के चेयरमैन व एडीसी को मांगपत्र भी सौंपा। 

मांगपत्र पर निर्णय न होने पर याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने याची के मांगपत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने पर केजीबीवी की चेयरमैन व एडीसी शोभिता ढाका के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी। अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने ढाका को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए। नोटिस जारी होने के बाद अब चेयरमैन ने याची की नियुक्ति का आदेश जारी किया है।
 
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