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पंजाब सरकार का एलान: कोरोना से अनाथ होने वाले बच्चों को 1500 रुपये पेंशन और स्नातक तक मुफ्त शिक्षा
Thu, 20 May 2021 09:27 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 20 May 2021 09:27 PM IST
सार
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोरोना की वजह से अनाथ होने वाले बच्चों को आर्थिक मदद प्रदान करने की घोषणा की। वहीं जिन परिवारों में कोरोना की वजह से कमाने वाले का निधन हुआ है, उन्हें भी सरकार आर्थिक सहायता देगी। पीड़ित परिवार आशीर्वाद योजना के तहत 51000 रुपये, मुफ्त राशन और सेहत बीमा योजना का भी लाभ उठा सकेंगे।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
पंजाब सरकार ने कोविड महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों और इस आपदा में घर का कमाने वाला सदस्य गंवा चुके परिवारों को एक जुलाई, 2021 से 1500 रुपये प्रति माह सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने का एलान किया है। इसके साथ ही अनाथ बच्चों और प्रभावित परिवारों के बच्चों को स्नातक तक मुफ्त शिक्षा भी पंजाब सरकार मुहैया करवाएगी।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि हमारी सरकार कोरोना की वजह से अनाथ होने वाले बच्चों और अपने परिजनों को खोने वाले बच्चों को सरकारी संस्थानों में मुक्त शिक्षा प्रदान करेगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह गुरुवार को राज्य में कोरोना की स्थिति के लिए समीक्षा बैठक की।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति एक जुलाई से आशीर्वाद स्कीम के अंतर्गत 51000 रुपये की राशि के भी पात्र होंगे। इसके अलावा वे राज्य की स्मार्ट राशन कार्ड स्कीम के अंतर्गत मुफ्त राशन और सरबत सेहत बीमा योजना के दायरे में भी आएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को ‘घर-घर रोजगार और कारोबार मिशन’ के अंतर्गत उपयुक्त नौकरी दिलाने में सहायता करेगी।
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ऐसे प्रदान की जाएगी मदद
अनाथ बच्चों को 21 साल की उम्र होने तक यह राहत मुहैया करवाई जाएगी। जहां तक किसी परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत का मामला है, उसमें तीन साल के शुरुआती समय में यह राहत मुहैया करवाई जाएगी। इसके बाद उनकी हालत की दोबारा जांच होगी और अगर हालत पहले की तरह ही रही तो उस सूरत में यह राहत उचित समय के लिए बढ़ाई जा सकती है।
निगरानी समिति का गठन
मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्री के नेतृत्व में निगरानी समिति के गठन का एलान किया है, जो हर केस में राहत कार्यों और प्रगति की समीक्षा करेगी। यह समिति एक माह में कम से कम एक बार मीटिंग करेगी। सामाजिक सुरक्षा और महिलाएं एवं बाल विकास विभाग कोविड पीड़ित व्यक्तियों के लिए राहत कार्यों को अमल में लाने के लिए नोडल विभाग होगा। यह समिति ऐसे सभी प्रभावित व्यक्तियों का रिकॉर्ड रखेगी और उनको दी जा रही राहत के बारे में अवगत करवाएगी।