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लद्दाख में शहीद तीन जवानों के विवाहित भाई-बहनों को मिलेगी सरकारी नौकरी, पंजाब कैबिनेट ने नियमों में दी ढील
Wed, 18 Nov 2020 05:35 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 18 Nov 2020 05:35 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
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पंजाब सरकार की शहीदों को ‘सम्मान और आभार स्वरूप नौकरी’ देने की नीति में बदलाव करने को राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को मंजूरी दे दी। यह गलवां घाटी में शहीद हुए अविवाहित तीन शहीदों के विवाहित भाइयों को नौकरियां देने के लिए किया गया। यह फैसला सिपाही गुरतेज सिंह, सिपाही गुरबिंदर सिंह और लांस नायक सलीम खान के बलिदान को सम्मान देते हुए किया गया।
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मौजूदा नियमों के मुताबिक, जंगी शहीदों के निर्भर पारिवारिक सदस्यों या अगले वारिसों को ही नौकरी के लिए योग्य माना जाता है। लेकिन तीनों सैनिकों के मामले में उनका कोई भी पारिवारिक सदस्य निर्भर नहीं है। इस कारण इनके विवाहित भाइयों को नौकरियां देने के लिए नियमों में छूट देने का फैसला किया गया है।
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मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि सिपाही गुरतेज सिंह के भाई गुरप्रीत सिंह, सिपाही गुरबिंदर सिंह के भाई गुरप्रीत सिंह और लांस नायक सलीम खान के भाई नियामत अली ने ‘जंगी नायकों के निर्भर सदस्यों’ की परिभाषा के दायरे में न आने के बावजूद प्रांतीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए आवेदन किया था।
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पंजाब के पांच फौजी हुए थे शहीद
चीन की सेना की तरफ से किए हमले के दौरान जून, 2020 में लद्दाख सेक्टर में शहीद हुए पांच फौजी पंजाब के थे। इन पांचों में से तीन अविवाहित थे।
कैबिनेट के अन्य फैसले
- पंजाब कृषि एक्ट लागू करने का फैसला जून, 2021 तक स्थगित।
- टेलीकॉम कंपनियों को जल्द मिलेगी टावर और केबल बिछाने की अनुमति।
- अंतरराज्यीय प्रवासी कामगार नियमों में संशोधन को मंजूरी।
- पंजाब जेल विकास बोर्ड नियम-2020 को मंजूरी।
- ओएसडी (लिटीगेशन) की फिक्स तनख्वाह बढ़ाकर 60 हजार की।