Punjab Budget 2022: मान सरकार ने बढ़ाया 15 फीसदी से अधिक शिक्षा का बजट, 500 स्कूलों में बनेंगे डिजिटल क्लासरूम
पंजाब के स्कूलों के रखरखाव के लिए राज्यभर में एस्टेट मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी। जिसके बाद अब स्कूल के प्रधानाचार्य और शिक्षण स्टाफ सिर्फ पठन पाठन के कार्य पर ही फोकस रखेगा दूसरे कामों के प्रति उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में स्कूली और उच्च शिक्षा का स्वरूप बदलने की सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले बजट में ही शिक्षा के क्षेत्र में पिछले साले के मुकाबले 15 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोत्तरी कर दी है। सरकार ने कुल बजट से शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए 3131 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
नवगठित पंजाब सरकार के पहले बजट में स्कूलों और उच्च शिक्षा के लिए कुल बजट का 16.27 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है। शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने बजट के बारे में बताया। समग्र शिक्षा अभियान के लिए 1231 करोड़ और मध्याह्न भोजन के लिए 473 करोड़ रुपये, स्कूल के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए 424 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
स्कूल ऑफ एमिनेंस के रूप में 100 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा। स्कूल ऑफ एमिनेंस के लिए 200 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं। 500 स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम स्थापित किए जाएंगे। डिजिटल क्लासरूम के लिए 40 करोड़ और छात्र यूनिफॉर्म के लिए 23 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं। सरकारी स्कूलों के सभी छात्रों को प्री-प्राइमरी से लेकर आठवीं तक की यूनिफॉर्म निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
आर्थिक संकट से उबरेगी पटियाला यूनिवर्सिटी
पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी को आर्थिक संकट से बचाने के लिए 200 करोड़ रुपये रखरखाव के लिए और 30 करोड़ रुपये शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए रखे गए हैं। पिछले कुछ दिनों से आर्थिक संकट झेल रही यूनिवर्सिटी को इस फैसले से बड़ी राहत मिलेगी।
स्कूलों का रखरखाव करेंगे एस्टेट मैनेजर
पंजाब के स्कूलों के रखरखाव के लिए राज्यभर में एस्टेट मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी। जिसके बाद अब स्कूल के प्रधानाचार्य और शिक्षण स्टाफ सिर्फ पठन पाठन के कार्य पर ही फोकस रखेगा दूसरे कामों के प्रति उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
नौ जिलों में पुस्तकालयों का बुनियादी ढांचा होगा मजबूत
लुधियाना, मुक्तसर, बरनाला, तरनतारन, शहीद भगत सिंह नगर, मोगा, मलेरकोटला, पठानकोट और फाजिल्का जिलों के सरकारी कॉलेजों में पुस्तकालय के बुनियादी ढांचे के लिए 30 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। देश और विदेश में शिक्षकों का विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, स्वच्छता सिस्टम, डिजिटल क्लासरूम पर फोकस होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में छह सालों के दौरान आवंटित बजट
- वर्ष आवंटित राशि
- 2022-23 3131 करोड़ रुपये
- 2021-22 2063 करोड़ रुपये
- 2020-21 587 करोड़ रुपये
- 2019-20 1273 करोड़ रुपये
- 2018-19 215.63 करोड़ रुपये
- 2017-18 105.52 करोड़ रुपये