{"_id":"59f2b3f54f1c1baf678b7bb9","slug":"punjab-govt-going-to-reduce-liquor-rates","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब पीने के शौकीनों के लिए बड़ी खुशखबरी, एक तीर और दो निशाने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब पीने के शौकीनों के लिए बड़ी खुशखबरी, एक तीर और दो निशाने
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 Oct 2017 09:50 AM IST
विज्ञापन
liquor
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शराब पीने के शौकीनों के लिए बड़ी खुशखबरी। सरकार एक तोहफा देने जा रही है, वहीं इसको जरिया बनाकर एक तीर से दो निशाने साधने की तैयारी है। दरअसल, केंद्र से कोई राहत न मिलती देख अब अपने संसाधनों से वित्तीय स्थिति सुधारने के प्रयास कर रही पंजाब सरकार सूबे में शराब के दाम घटाने जा रही है। शराब के दाम में यह कमी मामूली नहीं होगी बल्कि हर बोतल पर एक तिहाई दाम घट जाएंगे।
एक्साइज ड्यूटी से आमदनी बढ़ाने का खाका खींच रहे सूबे के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने वीरवार को यह खुलासा किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से न सिर्फ पड़ोसी राज्यों से होने वाली शराब की तस्करी खत्म होगी, राज्य सरकार को प्रति वर्ष 2000 करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती है। यही नहीं, पंजाब लाटरी विभाग जिससे फिलहाल राज्य सरकार को 20 से 30 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है, के कामकाज में सुधार करके फिर से पुरानी आमदनी 300 करोड़ रुपये तक लाया जाएगा।
इसके अलावा कुछ अन्य सरकारी विभागों से सरकार को होने वाली आमदनी में भी बढ़ोतरी करने की योजना बनाई जा रही है। वीरवार को वित्त मंत्री से उनके कार्यालय में हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र से जिस सहयोग के लिए अपील की हैं, उन पर केंद्र से अभी आश्वसन ही मिल रहे हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है लेकिन प्रदेश के अपने संसाधनों से आमदनी बढ़ाने की दिशा में विचार शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
सूबे में शराब के दाम कम किए जाने के प्रस्ताव के बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि तमिलनाडु की आबादी पंजाब से तीन गुना है और तमिलनाडु की एक्साइज ड्यूटी से आमदनी पंजाब के मुकाबले 10 गुना है। पंजाब में शराब की कीमत सभी पड़ोसी राज्यों से कहीं ज्यादा हैं। इस कारण पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर जारी है। सूबे में शराब के दाम घटाकर तस्करी को खत्म होगी ही, शराब की बिक्री से सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी।
इस संबंध में वित्त मंत्री ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने इस साल मार्च में एक्साइज पालिसी की घोषणा करते हुए शराब के दाम बढ़ा दिए थे।
विज्ञापन
एक्साइज ड्यूटी से आमदनी बढ़ाने का खाका खींच रहे सूबे के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने वीरवार को यह खुलासा किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से न सिर्फ पड़ोसी राज्यों से होने वाली शराब की तस्करी खत्म होगी, राज्य सरकार को प्रति वर्ष 2000 करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती है। यही नहीं, पंजाब लाटरी विभाग जिससे फिलहाल राज्य सरकार को 20 से 30 करोड़ रुपये की कमाई हो रही है, के कामकाज में सुधार करके फिर से पुरानी आमदनी 300 करोड़ रुपये तक लाया जाएगा।
विज्ञापन
इसके अलावा कुछ अन्य सरकारी विभागों से सरकार को होने वाली आमदनी में भी बढ़ोतरी करने की योजना बनाई जा रही है। वीरवार को वित्त मंत्री से उनके कार्यालय में हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र से जिस सहयोग के लिए अपील की हैं, उन पर केंद्र से अभी आश्वसन ही मिल रहे हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है लेकिन प्रदेश के अपने संसाधनों से आमदनी बढ़ाने की दिशा में विचार शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
सूबे में शराब के दाम कम किए जाने के प्रस्ताव के बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि तमिलनाडु की आबादी पंजाब से तीन गुना है और तमिलनाडु की एक्साइज ड्यूटी से आमदनी पंजाब के मुकाबले 10 गुना है। पंजाब में शराब की कीमत सभी पड़ोसी राज्यों से कहीं ज्यादा हैं। इस कारण पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर जारी है। सूबे में शराब के दाम घटाकर तस्करी को खत्म होगी ही, शराब की बिक्री से सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी।
इस संबंध में वित्त मंत्री ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने इस साल मार्च में एक्साइज पालिसी की घोषणा करते हुए शराब के दाम बढ़ा दिए थे।