पंजाब में सीएम-गवर्नर विवाद: चन्नी के आरोपों पर बोले पुरोहित-गलत जानकारी के कारण रोकी गई फाइल, छह सवालों के मांगे हैं जवाब
पंजाब के सीएम चरणजीत चन्नी ने शनिवार को 36 हजार संविदा कर्मचारियों को नियमित करने वाले विधेयक को मंजूरी नहीं मिलने पर राज्यपाल के खिलाफ धरना देने की धमकी दी थी।
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पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने मुलाजिमों को पक्का करने की फाइल को रोके जाने के पंजाब के सीएम चरणजीत चन्नी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। राज्यपाल ने कहा है कि एक जनवरी को मुख्यमंत्री की ओर से दी गई जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है। संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के विधेयक पर छह सवालों के स्पष्टीकरण मांगने के साथ फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को लौटा दी थी। जवाब आने के बाद ही फाइल पर अगली कार्यवाही हो सकेगी।
चन्नी ने दी थी धरने की चेतावनी
चन्नी ने शनिवार को अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर 100 कार्यों की जानकारी देते हुए आरोप लगाया था कि राज्यपाल ने भाजपा के इशारे पर पंजाब के 36000 कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की फाइल रोकी हुई है। राज्य के मुख्य सचिव कई बार इस मुद्दे पर राजभवन जाकर राज्यपाल से मिल चुके हैं, लेकिन फाइल क्लीयर नहीं हो रही। राज्यपाल भाजपा से संबंधित हैं, इसलिए उन्होंने पंजाब सरकार की विभिन्न फाइलें जानबूझकर रोक रखीं है, ताकि चुनाव आचार संहिता लागू हो जाए और कांग्रेस द्वारा लोगों से किए वादे पूरे न हो पाएं।
एक दिसंबर को राजभवन भेजी गई थी फाइल
राज्यपाल ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री को फाइल पर उठाए गए सवालों का जवाब देने की सलाह देता हूं। एक बार जवाब आने के बाद विधेयक की फिर से जांच की जाएगी। पंजाब विधानसभा ने 11 नवंबर को संविदा कर्मचारियों को नियमित का बिल पास किया था। इसकी संबंधित फाइल एक दिसंबर को पंजाब राजभवन भेज दी गई थी ।
दिसंबर में दौरे पर रहे राज्यपाल
राजभवन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दिसंबर माह के दौरान राज्यपाल प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे पर थे। राज्यपाल ने 21 दिसंबर को अपने दौरे का समापन किया। 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने राजभवन में आकर उनसे मुलाकात की। उसके बाद राज्यपाल ने फाइल का विधिवत अध्ययन किया गया और 31 दिसंबर, 2021 को अवलोकन प्रश्नों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय को लौटा दी गई।